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तेलंगाना के इंजीनियर की अमेरिका में मौत, पुलिस ने मारी गोली

तेलंगाना के महबूबनगर के 30 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर मोहम्मद निज़ामुद्दीन की अमेरिका के सांता क्लारा में पुलिस की गोली से मौत हो गई।

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तेलंगाना के महबूबनगर के 30 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर मोहम्मद निज़ामुद्दीन की अमेरिका के सांता क्लारा में पुलिस की गोली से मौत हो गई। यह दिल दहला देने वाली घटना 3 सितंबर 2025 को हुई, जब निज़ामुद्दीन का अपने रूममेट के साथ घरेलू बात पर झगड़ा हो गया। सांता क्लारा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निज़ामुद्दीन को गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार को इस दुखद खबर की जानकारी 18 सितंबर को मिली, यानी 15 दिन बाद। अब परिवार भारत सरकार से अपने बेटे का शव वापस लाने और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।

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छोटी बहस का दर्दनाक अंत

निज़ामुद्दीन के पिता मोहम्मद हसनुद्दीन ने बताया कि उनके बेटे का रूममेट के साथ रसोई की सफाई को लेकर मामूली विवाद हुआ था। पुलिस को सुबह करीब 6:45 बजे एक आपातकालीन कॉल मिली, जिसमें बताया गया कि एक अपार्टमेंट में चाकू से हमला हो रहा है। पुलिस के बयान के अनुसार, निज़ामुद्दीन ने अपने रूममेट को चाकू से हल्की चोट पहुंचाई थी। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो निज़ामुद्दीन ने कथित तौर पर चाकू से पुलिस पर हमला करने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने तीन गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौत हो गई। रूममेट को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर है।

परिवार का दर्द और मदद की पुकार

हसनुद्दीन ने विदेश मंत्रालय के मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर अपने बेटे के शव को महबूबनगर लाने में मदद मांगी। उन्होंने कहा कि उनका बेटा 2016 में फ्लोरिडा में मास्टर्स की पढ़ाई के लिए अमेरिका गया था। पढ़ाई के बाद वह सांता क्लारा की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम कर रहा था, जहां उसे हाल ही में प्रमोशन मिला था। परिवार को समझ नहीं आ रहा कि इतनी छोटी सी बात पर पुलिस ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। एक दोस्त ने उन्हें फोन पर इस हादसे की खबर दी। परिवार को पुलिस से कोई औपचारिक जानकारी नहीं मिली, जिससे उनका गुस्सा और दुख बढ़ गया है।

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पुलिस का पक्ष और जांच की मांग

सांता क्लारा पुलिस के प्रवक्ता डैनियल होल्ट ने बताया कि उनके अधिकारी ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। उनके अनुसार, निज़ामुद्दीन ने चाकू लेकर पुलिस की ओर कदम बढ़ाया था। मौके से दो चाकू बरामद किए गए, जिनमें से एक का ब्लेड ढीला था। परिवार ने इस घटना में नस्लीय भेदभाव की संभावना जताई और गहन जांच की मांग की। मजलिस बचाओ तहरीक के प्रवक्ता अमजद उल्लाह खान ने भी इस मामले को उठाया और सरकार से परिवार की सहायता करने की अपील की।

भारत लौटने की आस

निज़ामुद्दीन का परिवार अब केवल अपने बेटे का शव भारत लाने की उम्मीद रखता है। उन्होंने वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास और सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास से तुरंत मदद मांगी है। यह घटना भारतीय समुदाय के लिए एक बड़ा झटका है, जो विदेश में रह रहे अपने लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। सांता क्लारा पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

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