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CBSE री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर हुआ बड़ा साइबर अटैक, फीस गड़बड़ी के बीच 16 हजार से ज्यादा छात्रों ने किया आवेदन

CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कथित साइबर हमले के कारण पेमेंट सिस्टम प्रभावित हुआ, जिससे छात्रों को आवेदन और फीस जमा करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।

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CBSE Re-evaluation Portal Cyber Attack: CBSE का री-इवैल्यूएशन पोर्टल इस बार रिजल्ट प्रक्रिया नहीं, बल्कि तकनीकी समस्याओं की वजह से सुर्खियों में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पोर्टल के पेमेंट सेक्शन में कथित साइबर हस्तक्षेप के बाद कई असामान्य गड़बड़ियां सामने आईं। बताया जा रहा है कि कुछ यूजर्स को सिस्टम में अनधिकृत पहुंच मिल गई, जिससे फीस से जुड़ा डेटा प्रभावित हुआ। इसके चलते कई छात्रों को आवेदन के दौरान बेहद कम या असामान्य रूप से अधिक फीस दिखाई देने लगी। इस तकनीकी खामी ने छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम और चिंता बढ़ा दी है।

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पेमेंट सिस्टम में गड़बड़ी से बढ़ी चिंता

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, तकनीकी समस्या पेमेंट गेटवे से जुड़ी बताई जा रही है। जांच में संकेत मिले हैं कि सिस्टम की सुरक्षा में सेंध लगने के कारण फीस संबंधी जानकारी प्रभावित हुई। इसके चलते कई छात्रों को आवेदन प्रक्रिया के दौरान असामान्य शुल्क दिखाई दिया। समस्या सामने आने के बाद पोर्टल की सेवाएं भी प्रभावित हुईं और अनेक छात्रों को आवेदन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है, ताकि समस्या के कारणों का पता लगाकर व्यवस्था को सामान्य किया जा सके।

सुरक्षा बढ़ाने के लिए सरकार ने उठाए कदम

अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, दर्जनों मामलों में फीस से जुड़ी असामान्य प्रविष्टियां मिलने के बाद पूरे सिस्टम की समीक्षा शुरू की गई। इस घटना के बाद भुगतान प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठे, जिसके चलते संबंधित विभागों ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला लिया। छात्रों को हुई परेशानी को देखते हुए केंद्र सरकार स्तर पर भी मामले की समीक्षा की गई और तकनीकी ढांचे में सुधार पर जोर दिया गया।

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भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए सीबीएसई के भुगतान तंत्र को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में काम शुरू किया गया है। इसी क्रम में कई प्रमुख सरकारी बैंकों के पेमेंट गेटवे को पोर्टल से जोड़ने की प्रक्रिया तेज की गई है, ताकि फीस जमा करने की व्यवस्था अधिक सुरक्षित, स्थिर और पारदर्शी बन सके।

जांच में जुटे तकनीकी विशेषज्ञ

मामले की गंभीरता को देखते हुए कई प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों और विशेषज्ञ एजेंसियों को जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया है। विशेषज्ञों की टीमें पोर्टल की संरचना, भुगतान प्रणाली और साइबर सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत परीक्षण कर रही हैं। इसके साथ ही डिजिटल ढांचे की कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की दिशा में काम चल रहा है। तकनीकी अधिकारियों के अनुसार, उद्देश्य ऐसा मजबूत और सुरक्षित प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जहां छात्र बिना किसी रुकावट के आवेदन और भुगतान संबंधी सेवाओं का उपयोग कर सकें। इसके लिए सिस्टम की लगातार मॉनिटरिंग, सुरक्षा ऑडिट और नए सुरक्षा उपायों को लागू किया जा रहा है।

बढ़ते ट्रैफिक को संभालने के लिए बड़ा बदलाव

सूत्रों के अनुसार, पोर्टल पर एक साथ बड़ी संख्या में छात्रों के लॉगिन करने से तकनीकी दबाव बढ़ रहा था, जिससे कई बार प्रदर्शन प्रभावित हो रहा था। इसी चुनौती को देखते हुए सिस्टम को अधिक आधुनिक और स्केलेबल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर स्थानांतरित किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस बदलाव से पोर्टल की क्षमता बढ़ेगी, सर्वर पर पड़ने वाला दबाव कम होगा और अधिक संख्या में यूजर्स के एक साथ उपयोग करने पर भी सेवाएं सुचारु रूप से चल सकेंगी।

Keywords: CBSE Payment Gateway Issue, CBSE Rechecking Portal Technical Glitch, CBSE Result Verification Portal News

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