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‘डॉन 3’ कास्टिंग विवाद में रणवीर के समर्थन में उतरे राम गोपाल वर्मा, सेलेब्स ने FWICE पर उठाए सवाल

रणवीर सिंह ‘डॉन 3’ विवाद को लेकर चर्चा में हैं। FWICE ने उनके खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन नोटिस जारी किया है। इसके बाद राम गोपाल वर्मा ने उनका समर्थन करते हुए FWICE की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

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रणवीर सिंह ‘धुरंधर 2’ की सफलता के बाद अब ‘डॉन 3’ विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। बताया जा रहा है कि अभिनेता के फिल्म छोड़ने के बाद फरहान अख्तर ने FWICE से संपर्क किया, जिसके बाद संगठन ने रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन नोटिस जारी कर दिया। इस फैसले के बाद फिल्म इंडस्ट्री से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। निर्देशक संजय गुप्ता और पद्मिनी कोल्हापुरे सहित कई सेलेब्स ने रणवीर सिंह का समर्थन किया है। वहीं राम गोपाल वर्मा ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए रणवीर के पक्ष में बात रखी और FWICE की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने इस प्रतिबंध को बेअसर बताते हुए कहा कि यह न तो इंडस्ट्री की सुरक्षा करता है और न ही कामगारों के हित में है, जैसा संगठन दावा करता है।

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राम गोपाल वर्मा ने FWICE पर उठाए सवाल

राम गोपाल वर्मा ने रणवीर सिंह का समर्थन करते हुए FWICE के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि प्रतिबंध रणवीर पर नहीं बल्कि FWICE पर लगाया जाना चाहिए। वर्मा ने इसे गांधीवादी असहयोग की तरह बताते हुए संगठन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आगे कहा कि यह कदम इंडस्ट्री या वर्कर्स की सुरक्षा के लिए नहीं है, बल्कि पुराने यूनियन सिस्टम की ताकत दिखाने का तरीका है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि लाखों वर्कर्स के नाम पर बोलने वाले संगठन के भीतर की सच्चाई अधिकतर लोग नहीं जानते।

FWICE की वैधता पर उठाए सवाल

राम गोपाल वर्मा ने FWICE को लेकर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कोई अदालत या सरकारी मान्यता प्राप्त नियामक संस्था नहीं है। उनके अनुसार यह एक तरह का “कंगारू कोर्ट” है, जो निष्पक्ष प्रक्रिया के बिना फैसले लेता है। उन्होंने आरोप लगाया कि फैसले पहले से तय एजेंडे के तहत लिए जाते हैं और इसमें व्यक्तिगत हितों का प्रभाव भी होता है। वर्मा ने यह भी दावा किया कि संगठन का रवैया उनकी असहायता और पुरानी व्यवस्था को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने यह तर्क दिया कि फिल्म इंडस्ट्री में लाखों कामगारों की आजीविका किसी एक अभिनेता या फिल्म से जुड़ी नहीं होती, इसलिए इस तरह के दावे भ्रामक हैं।

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FWICE की भूमिका पर वर्मा का सवाल

राम गोपाल वर्मा ने कहा कि यह मामला सिर्फ निर्माता और दूसरे पक्ष के बीच का एक प्राइवेट कॉन्ट्रैक्ट विवाद है, जैसा कि कई बिजनेस मामलों में होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि इसमें FWICE की भूमिका क्यों होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि असली जानकारी केवल दोनों पक्षों को ही पता होती है, इसलिए इसे आम दीवानी मामलों की तरह अदालत में ही सुलझाया जाना चाहिए। वर्मा ने यह भी चुनौती दी कि अगर किसी तकनीशियन को नुकसान हुआ है तो वे सबूत के साथ सामने आएं और सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखें।

रणवीर के समर्थन में उतरे राम गोपाल वर्मा, FWICE को दी नसीहत

राम गोपाल वर्मा ने अपने पोस्ट के अंत में रणवीर सिंह का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि थिएटर में दर्शक खींचने वाले असली चेहरे रणवीर जैसे सितारे हैं, FWICE नहीं। उनके अनुसार इंडस्ट्री और रोजगार दोनों ही ऐसे कलाकारों की वजह से चलते हैं। वर्मा ने आगे लिखा कि FWICE जैसी संस्थाओं को निजी विवादों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए और ऐसे मामलों को केवल संबंधित पक्षों के बीच ही रहने देना चाहिए।

संजय गुप्ता का समर्थन, बैन से वर्कर्स पर असर का उठाया मुद्दा

निर्देशक संजय गुप्ता ने भी रणवीर सिंह के समर्थन में अपनी बात रखी है। उन्होंने एक पोस्ट में कहा कि जब कोई बड़ा अभिनेता शूटिंग करता है, तो सेट पर सैकड़ों लोग काम करते हैं। ऐसे में किसी ए-लिस्ट स्टार पर बैन लगाने से सिर्फ अभिनेता ही नहीं, बल्कि उन सभी वर्कर्स की आजीविका पर भी असर पड़ता है जो उस प्रोजेक्ट पर निर्भर होते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे फैसलों का वास्तविक उद्देश्य क्या है और इससे किसका फायदा या नुकसान हो रहा है।

मीका सिंह ने रणवीर का समर्थन किया

सिंगर मीका सिंह ने भी रणवीर सिंह के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी है। FWICE द्वारा रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन नोटिस जारी किए जाने के बाद उन्होंने कहा कि रणवीर एक सरल और जमीन से जुड़े इंसान हैं। मीका ने यह भी बताया कि वे FWICE से मिलकर इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी लोग एक ही इंडस्ट्री का हिस्सा हैं और आपसी बातचीत से समाधान निकलना चाहिए। बता दें, साल 2019 में मीका सिंह पर भी FWICE द्वारा कराची में परफॉर्म करने को लेकर अस्थायी बैन लगाया गया था।

पूनम ढिल्लों ने कहा—विवाद सुलझाने में संगठन को साथ लेना चाहिए था

पूनम ढिल्लों ने डॉन 3 विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह स्थिति काफी अजीब है क्योंकि संबंधित व्यक्ति उनके संगठन का हिस्सा हैं, फिर भी न तो कलाकार, न निर्माता और न ही फेडरेशन को इस मामले में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह के विवादों को सुलझाने के लिए संगठन बना है, ताकि कलाकारों और निर्माताओं के बीच मुद्दों का समाधान किया जा सके। उनके अनुसार, अगर सभी पक्षों को पहले साथ लिया जाता तो स्थिति को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था।

Keywords: Ranveer Singh Don 3 Controversy, FWICE Non Cooperation Notice, Ram Gopal Varma Support Ranveer Singh

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