नई दिल्ली: UGC एक्ट को लेकर सवर्ण समाज ने कड़ा विरोध जताया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिन पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत के इस फैसले से विरोध कर रहे पक्षों को बड़ी राहत मिली है।
सुप्रीम कोर्ट ने 23 जनवरी 2026 को अधिसूचित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने से संबंधित) नियमों के अमल पर रोक लगाई है। इन नियमों को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि ये प्रावधान मनमाने, भेदभावपूर्ण और बहिष्करणकारी हैं, साथ ही संविधान और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 का उल्लंघन करते हैं। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फिलहाल इन नियमों पर रोक लगाने का आदेश दिया।
कांग्रेस का बयान
UGC रेगुलेशन 2026 पर सुप्रीम कोर्ट की रोक को लेकर कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि यह एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है और इस पर दोबारा व्यापक चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि किसी भी छात्र के साथ जाति के आधार पर भेदभाव न हो।
#WATCH | Delhi | SC stays UGC regulations 2026, Congress MP Ranjeet Ranjan says," To ensure that no student faces discrimination on the basis of caste, a discussion on this should be held again, as it is a sensitive issue." pic.twitter.com/kUlfMPUuIu
— ANI (@ANI) January 29, 2026
यूपी सरकार के मंत्री का बयान
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सभी प्रस्ताव पारित हो चुके हैं और 9 तारीख से सत्र शुरू होगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा और सरकार इस विषय पर पूरी तरह आश्वस्त है।
संजय निषाद ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के लिए एक युगपुरुष हैं। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है और भारत को विश्व की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया है। उनके नेतृत्व में भारत एक बार फिर सशक्त और आत्मनिर्भर बना है।
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