अमेरिका की वीजा और इमिग्रेशन नीति बीते साल में पहले से कहीं ज्यादा सख्त हो गई है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के आंकड़ों के हिसाब से, पिछले एक साल में 1 लाख से ज्यादा वीजा रद्द कर दिए गए, इतनी बड़ी संख्या पहले कभी नहीं देखी गई। ये सब “जीरो टॉलरेंस” वाली नीति का नतीजा है। अब कोई भी नियम तोड़ो, तो छूट मिलने की उम्मीद मत करो। इस बार सिर्फ टूरिस्ट या स्टूडेंट ही नहीं, बल्कि H-1B, L-1B, O-1 जैसे स्पेशल वर्क वीजा भी रडार पर आ गए।
वीजा रद्द होने की टॉप वजहें
स्टेट डिपार्टमेंट के डिप्टी स्पोक्सपर्सन टॉमी पिगॉट ने बताया, वीजा कैंसिल होने के सबसे कॉमन चार कारण हैं, ओवरस्टे करना, शराब पीकर गाड़ी चलाना यानी DUI, हमला, और चोरी। इसके अलावा, ड्रग्स, धोखाधड़ी, बच्चों के साथ अपराध या भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मामलों में भी कड़ी कार्रवाई हुई है। आंकड़े बताते हैं, करीब 8,000 स्टूडेंट वीजा और 2,500 के आसपास स्पेशल वीजा कैंसिल हुए हैं। खास बात ये कि स्पेशल वीजा वाले मामलों में करीब आधी घटनाएं DUI से जुड़ी थीं। इससे साफ है कि अमेरिकी कानून तोड़ोगे, तो कोई नरमी नहीं मिलेगी।
🚨BREAKING: The State Department has now revoked over 100,000 visas, including some 8,000 student visas and 2,500 specialized visas for individuals who had encounters with U.S. law enforcement for criminal activity.
— Department of State (@StateDept) January 12, 2026
We will continue to deport these thugs to keep America safe. pic.twitter.com/wuHVltw1bV
भारतीय स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स पर सीधा असर
इस कड़ी नीति का असर सबसे ज्यादा भारतीयों पर पड़ा है। भारत सरकार के आंकड़े कह रहे हैं, 2025 में अब तक 3,155 भारतीय नागरिक डिपोर्ट हो चुके हैं। ये तो 2023 और 2024 के मुकाबले काफी ज्यादा है। ऊपर से, ICE ने हजारों SEVIS रिकॉर्ड्स डिलीट कर दिए, और सैकड़ों स्टूडेंट वीजा कैंसिल कर दिए। इसका नतीजा ये है कि अमेरिका में पढ़ रहे भारतीय छात्रों में डर और अनिश्चितता का माहौल है। अब वहां पढ़ाई या काम के छोटे-मोटे नियम भी तोड़ो, तो बड़ी मुसीबत आ सकती है।
भारत पर बैन नहीं, लेकिन जांच अब ज्यादा कड़ी
भारत किसी ट्रैवल बैन लिस्ट में नहीं है, ये बात अलग है। फिर भी, भारतीयों की जांच-पड़ताल अब पहले से कई गुना ज्यादा सख्त हो गई है। H-1B और H-4 वीजा स्टैम्पिंग के वक्त भारत में एक्स्ट्रा वेरिफिकेशन चल रहा है। अब सिर्फ पेपर्स ही नहीं, सोशल मीडिया प्रोफाइल और ऑनलाइन एक्टिविटीज भी चेक हो रही हैं। जिसका मतलब साफ है कि अब सिर्फ कागज नहीं, आपकी डिजिटल पहचान भी अमेरिका की नजर में है।
दुनियाभर के वीजा की कड़ाई से समीक्षा
स्टेट डिपार्टमेंट ने अगस्त 2025 तक 5.5 करोड़ विदेशियों के वीजा रिव्यू करने का ऐलान कर दिया है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो पहले ही कह चुके हैं, अमेरिकी वीजा कोई अधिकार नहीं, बल्कि एक स्पेशल प्रिविलेज है। एक्सपर्ट्स जोर देकर कह रहे हैं, आगे चलकर ये नियम और सख्त हो सकते हैं। ऐसे में भारतीय स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स को कानून और वीजा की हर शर्त का पूरी ईमानदारी से पालन करना होगा। छोटी सी चूक भी आपके भविष्य के सपनों पर भारी पड़ सकती है।
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