गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान प्रशासन और पुलिस को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर शिकायत की जांच निष्पक्ष और गहरी होनी चाहिए, और किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों द्वारा जानबूझकर देरी की जाएगी या गलत रिपोर्ट सौंपी जाएगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जाएगी।
जमीन कब्जे की शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान जनता की शिकायतों पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि गलत रिपोर्ट लगाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और एफआईआर दर्ज की जाए। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया कि हर मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और पीड़ितों की समस्याओं के समाधान में कोई भी देरी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने जमीन कब्जाने और माफिया से संबंधित शिकायतों पर सख्त कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया।
सुशासन और जनसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता…
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) February 14, 2026
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने आज @GorakhnathMndr परिसर में आयोजित "जनता दर्शन" में विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं और सभी के त्वरित, प्रभावी एवं पारदर्शी निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।… pic.twitter.com/XrujZKAJmw
प्रशासन को चेतावनी
सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान लापरवाही करने वाले अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, कुछ लोगों ने इलाज के लिए आर्थिक मदद की मांग की, जिसे मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया। उन्होंने अस्पताल से अनुमानित खर्च रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए और मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता प्रदान करने का वादा किया, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
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