पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ मौका मिलते ही जहर उगलने से बाज नहीं आता। वह हमेशा ऐसे मौकों की तलाश में रहता है, लेकिन हर बार उसे मुंह की खानी पड़ती है। पाकिस्तान अक्सर भारत के विरोधी देशों का रहबर बनने की कोशिश करता है। इसका ताजा उदाहरण अरुणाचल प्रदेश के मुद्दे पर देखा गया, जहां पाकिस्तान ने चीन का साथ देते हुए आधिकारिक बयान जारी कर अपनी नापाक मंशा दिखा दी।
लेकिन पाकिस्तान की इस हरकत के बाद भारत ने उसे करारा जवाब दिया है। दरअसल, अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा के दौरान भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान पर जमकर निशाना साधा। भारत की ओर से हरीश ने कहा कि अफगानिस्तान में हुए एयरस्ट्राइक में बेगुनाह महिलाओं, बच्चों और यहां तक कि क्रिकेटरों की मौत हुई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह का हमला अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर का खुला उल्लंघन है। यह पहली बार था जब अफगानिस्तान के समर्थन में भारत ने संयुक्त राष्ट्र में इतनी स्पष्ट और खुलकर बात रखी।
भारत–अफगानिस्तान के बदलते रिश्ते
अगस्त 2021 में तालिबान की वापसी के बाद भारत और अफगानिस्तान के रिश्ते और मजबूत होने लगे हैं। बढ़ती दोस्ती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पहलगाम हमले की अफगानिस्तान ने कड़ी निंदा की थी और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के आरोपों का भी करारा जवाब दिया था।
इसके अलावा 31 अगस्त 2021 को दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत का दौर शुरू हुआ, जो दोहा से शुरू होकर पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आया। अक्टूबर 2021 में इटली में अफगानिस्तान की स्थिति पर जी-20 नेताओं की विशेष बैठक हुई, जिसका प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इसके बाद अफगानिस्तान के कई नेता भारत दौरे पर आए और दोनों देशों के संबंध और मजबूत हुए।
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