महाराष्ट्र के पालघर जिले में रहने वाले एक किसान मधुकर बाबूराव पाटिल आजकल बहुत परेशान हैं। उनकी लगभग 11 एकड़ जमीन पर लगी पूरी धान की फसल बेमौसम हुई भारी बारिश के कारण पूरी तरह से डूबकर सड़ गई और खेत में बिछा पुआल तक काला पड़ चुका है। इतने बड़े नुकसान के कारण पशुओं को खिलाने के लिए चारा तक मिलना मुश्किल हो गया है। इस भारी नुकसान के बाद जब किसान पाटिल के बैंक खाते में मुआवजा आया तो उन्हें सिर्फ 2 रुपये 30 पैसे ही दिखे। यह देखकर पाटिल को लगा कि जैसे कोई उनके साथ बहुत भद्दा मजाक कर रहा है।
बारिश ने सब कुछ छीन लिया और जीवन मुश्किल हुआ
वाडा तालुका के शिलोत्तर गाँव में इस बार लगातार पानी बरसता रहा जिसके कारण पाटिल के खेतों में पानी भर गया और पूरी फसल बर्बाद हो गई। पाटिल ने अपनी बात बताते हुए कहा कि धान की बालियाँ पानी में डूबने के कारण सड़ने लगीं। इससे भी बड़ी बात यह हुई कि पुआल भी खराब हो गया जिससे उनकी गाय भैंस भूखी रहने लगी हैं। पाटिल के परिवार की सारी कमाई इसी धान की फसल पर निर्भर थी अब सब कुछ खत्म हो चुका है जिसके कारण परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पाटिल ने तुरंत सरकारी दफ्तर में जाकर आवेदन दिया कि हमें फसल के नुकसान के लिए मदद चाहिए।
सरकार ने भेजे सिर्फ 2 रुपये जो किसानों के लिए अपमान है
कई दिनों तक इंतजार करने के बाद जब पाटिल के बैंक में मैसेज आया तो उन्होंने तुरंत अपना खाता खोलकर देखा। पाटिल यह देखकर चौंक गये कि उनके खाते में सिर्फ 2.30 रुपये ही जमा हुए थे। पाटिल ने बहुत दुख के साथ कहा कि पहले तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ फिर उन्हें बहुत गुस्सा आया। इतने बड़े नुकसान के बदले दो रुपये का मतलब उन्हें समझ नहीं आ रहा है। पाटिल ने कहा कि पूरे परिवार ने मिलकर ग्यारह एकड़ जमीन में बहुत मेहनत की थी अब सब कुछ व्यर्थ लग रहा है। यह मुआवजा किसानों के साथ मजाक करने जैसा है।
उद्धव ठाकरे ने यह मुद्दा उठाया और सरकार को घेरा
मुंबई में शिवसेना यूबीटी नेता उद्धव ठाकरे ने अपनी एक प्रेस वार्ता में पाटिल का नाम लेकर सबको बताया कि पालघर के किसानों को फसल बीमा के नाम पर सिर्फ दो रुपये मिले हैं। ठाकरे ने कहा कि यह किसी भद्दे मजाक से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने केंद्र से किसानों के लिए मदद का प्रस्ताव मांगा था लेकिन राज्य सरकार ने इस पर कोई प्रस्ताव तक नहीं भेजा। ठाकरे ने सरकार से मांग की है कि किसानों को हर हेक्टेयर पर पचास हजार रुपये तुरंत दिए जाने चाहिए।
कर्ज माफी पर सरकार के फैसले का लंबा इंतजार
महाराष्ट्र में सत्ता पक्ष ने विधानसभा चुनाव से पहले किसानों का पूरा कर्ज माफ करने का वादा किया था। अभी के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में कहा था कि अप्रैल 2026 तक कर्ज माफी पर रिपोर्ट आएगी और फिर 30 जून 2026 तक फैसला किया जाएगा। इस पर किसान यह सवाल पूछ रहे हैं कि तब तक हम किसान क्या करें। मराठवाड़ा में भी भारी बारिश ने हजारों हेक्टेयर की फसल को पूरी तरह से तबाह कर दिया है जिससे किसान बहुत मुश्किल में हैं। किसान अब भी आस लगाए बैठे हैं कि सरकार उनकी सुन लेगी और सही मदद जल्द ही पहुंचाएगी।
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