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पाकिस्तान के पेशावर में बड़ा बम धमाका: 9 लोगों की मौत, 4 पुलिसवाले गंभीर रूप से घायल!

पाकिस्तान के पेशावर शहर में हुए एक जोरदार बम धमाके से दहशत फैल गई है। यह हमला एक पुलिस मोबाइल वैन को निशाना बनाकर किया गया। इससे कुछ दिन पहले क्वेटा में भी बड़ा हमला हुआ था।

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पाकिस्तान के पेशावर शहर में सुबह का सन्नाटा एक जोरदार धमाके ने तोड़ दिया। बानी मारा इलाके में विस्फोट से 9 लोगों की जान चली गई। चार पुलिस वाले गंभीर रूप से जख्मी हो गए। पेशावर कैपिटल सिटी पुलिस ऑफिसर डॉ. मियां सईद ने बताया कि ये हमला पुलिस मोबाइल वैन के रास्ते पर लगाए गए आईईडी से हुआ। शुरुआती जांच यही कह रही। घायलों को पास के अस्पताल ले जाया गया। वहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई। धमाके के बाद सुरक्षा बल तुरंत पहुंचे। पूरे इलाके को घेर लिया। बम डिस्पोजल टीम और फॉरेंसिक एक्सपर्ट सबूत जुटा रहे।

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क्वेटा का दर्द अभी ताजा

ये धमाका तब हुआ जब बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा 30 सितंबर के हमले से उबर ही रही थी। फ्रंटियर कॉर्प्स मुख्यालय के पास कार बम फटा था। इसमें 10 लोग मारे गए। 32 जख्मी हुए। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के घरों के शीशे टूट गए। सड़क पर भगदड़ मच गई। बलूचिस्तान हेल्थ मिनिस्टर बख्त मुहम्मद काकर ने मौतों की पुष्टि की। सीएम मीर सरफराज बुग्टी ने इसे आतंकी हमला कहा। सुरक्षा बलों ने जवाब में चार आतंकियों को मार गिराया। बुग्टी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कायरों के हमलों से हिम्मत नहीं हिलेगी। जनता और फौज की कुर्बानियां व्यर्थ नहीं जाएंगी।

पाकिस्तान में हिंसा की बढ़ती लहर

पाकिस्तान में आतंक का साया गहरा हो रहा। सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज की रिपोर्ट कहती है कि 2025 की तीसरी तिमाही में हिंसा 46 प्रतिशत बढ़ी। जुलाई से सितंबर तक 329 घटनाओं में 901 लोग मारे गए। 599 जख्मी हुए। इनमें आम लोग, सुरक्षा कर्मी और आतंकी शामिल। सबसे ज्यादा असर खैबर पख्तूनख्वा पर पड़ा। यहां 71 प्रतिशत मौतें हुईं। बलूचिस्तान में 96 प्रतिशत घटनाएं रहीं। कुल मिलाकर साल के पहले तीन तिमाही में 2414 मौतें हो चुकीं। ये 2024 के पूरे साल के आंकड़ों के बराबर। रिपोर्ट बताती है कि सिविलियन सबसे ज्यादा निशाना बने। 123 हमलों में वे फंसे। सुरक्षा बल 106 बार।

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हाल के हमलों का सिलसिला

पेशावर और क्वेटा के अलावा पाकिस्तान में हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही। सीआरएसएस रिपोर्ट के मुताबिक तीसरी तिमाही में अपराधियों की मौतें 55 प्रतिशत बढ़ीं। सिविलियन की 43 प्रतिशत। सुरक्षा कर्मियों की 28 प्रतिशत। लेकिन आम लोग सबसे ज्यादा पीड़ित। क्वेटा हमले में ज्यादातर सिविलियन मारे गए। सुरक्षा बलों ने दो खुफिया ऑपरेशनों में 13 आतंकियों को ढेर किया। फिर भी हिंसा का ग्राफ ऊपर। खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के सीमा इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित। यहां आतंकी हरकतें तेज हो गईं।

Keywords:Peshawar Bomb Blast 2025, Quetta Suicide Bombing September, Pakistan Violence Surge Crss, Khyber Pakhtunkhwa Terrorism, Balochistan Attacks October

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