पिछले हफ्ते हुई हिंसा के बाद बरेली शहर किले में बदल गया है. अफवाहों को रोकने के लिए 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं. दंगाइयों और उनके करीबियों पर अवैध निर्माण को लेकर कार्रवाई जारी है।
बरेली शहर में हवा भारी लग रही है। जुमे की नमाज का वक्त पास है, लेकिन सड़कें खामोश हैं। लोग घरों में दुबके हैं। पुलिस ने चार जिलों में सुरक्षा कड़ी कर दी। आसमान में ड्रोन उड़ रहे हैं, हर गली पर नजर रखते हुए। इंटरनेट 2 अक्टूबर दोपहर 3 बजे से 4 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक बंद है। ये सब अफवाहें रोकने के लिए किया गया। पिछले हफ्ते ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर पर हुए हंगामे के बाद ये सावधानी बरती जा रही है। शहर के नाजुक इलाके किले जैसे लग रहे हैं।
पुरानी हिंसा की कड़वी यादें
26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद सब बिगड़ गया। इस्लामिया कॉलेज ग्राउंड के पास 2000 लोग जमा हुए। मौलाना तौकीर रजा खान ने ‘आई लव मुहम्मद’ के समर्थन में प्रदर्शन बुलाया था। लेकिन जब जुलूस रद्द हुआ, तो गुस्सा भड़क गया। भीड़ ने पुलिस पर पत्थर फेंके। पुलिस ने लाठियां चलाईं, आंसू गैस छोड़ी। कई लोग जख्मी हुए। 10 FIR दर्ज हुईं, जिनमें 180 लोगों के नाम और 2500 अज्ञात शामिल हैं। तौकीर रजा, डॉ. नफीस खान और नदीम खान समेत 81 लोग पकड़े गए। वो सब 14 दिन की हिरासत में हैं।
चौकसी का सख्त इंतजाम
बरेली, रामपुर, पीलीभीत और शाहजहांपुर में भारी पुलिस तैनात है। सड़कों पर फ्लैग मार्च हो रहे हैं। ड्रोन से नाजुक जगहों की निगरानी हो रही। शहर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि हालात नाजुक हैं, इसलिए इंटरनेट 48 घंटे बंद है। बदायूं, संभल, मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा और फतेहगढ़ में भी अलर्ट है। डिवीजनल कमिश्नर भूपेंद्र सिंह चौधरी ने अफसरों को सख्ती बरतने को कहा। दशहरा उत्सव को देखते हुए भी सतर्कता है।
अवैध इमारतों पर शिकंजा
बरेली डेवलपमेंट अथॉरिटी अवैध इमारतों की जांच कर रही है। हिंसा के दोषियों की गैरकानूनी संपत्तियों पर कार्रवाई हो रही। बिना मंजूरी की इमारतों को नोटिस देकर सील किया जा रहा। वाइस चेयरमैन मणिकंदन ए ने कहा कि हर गलत ईंट का हिसाब होगा। कुछ जगह बुलडोजर की तैयारी है। मुस्लिम बहुल इलाकों में लोग डर में जी रहे हैं।
शांति की पुकार
आला हजरत एसोसिएशन ने कहा कि जुमे की नमाज शांति से पढ़ें और जल्दी घर लौटें। दर्गाह आला हजरत के सलमान हसन खान ने इमामों और लोगों से शांति रखने को कहा। अफवाहों से बचें, पुलिस का साथ दें। जुमे के खुतबे में सद्भाव की दुआ होगी। उधर, भिम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को सहारनपुर में नजरबंद किया गया। वो पीड़ितों से मिलने जा रहे थे। आजाद ने कहा कि पुलिस पीड़ितों की आवाज दबा रही। सहारनपुर एसएसपी अशिष तिवारी ने कहा कि उनकी मौजूदगी से गड़बड़ी हो सकती थी।
विपक्ष पर पाबंदी
पिछले हफ्ते कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली को भी घर में रोका गया। वो बरेली जा रहे थे। फतेहपुर और देहात थानों से पुलिस भेजी गई। ये सब शांति बनाए रखने के लिए है। शहर में खामोशी है, लेकिन पुलिस हर कोने पर है।
Keywords – Bareilly unrest 2025, I Love Muhammad protests, Tauqeer Raza arrests, UP police drone surveillance, Illegal Constructions Crackdown, Bareilly Security Alert, Communal Tension Uttar Pradesh
