देश की आर्थिक राजधानी एक बार फिर शर्मसार हो गई। जब शिक्षा के मंदिर में 4 साल की मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया गया। इस वाकये ने पूरे स्कूल मैनेजमेंट की पोल खोल कर रख दी है। और ऐसे मामले अब अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बन गए हैं कि स्कूलों में बच्चे सेफ नहीं हैं तो ऐसे में वो अपने बच्चों को घर से बाहर कैसे भेजेंगे?
साल 2025 की ये दूसरी घटना है जहां नामी स्कूल में बच्ची के साथ दरिंदगी की गई। इस मामले में पुलिस ने स्कूल की एक महिला कर्मचारी को गिरफ्तार किया है लेकिन उसकी भूमिका की अभी जांच हो रही है। इससे पहले अभी फरवरी 2025 में ही ऐसी ही एक घटना ने सबको हैरत में जाल दिया था जहां स्कूल की टीचर पर एक साल तक एक बच्चे के साथ यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा। पोक्सो के तहत इन मामलों में पुलिस की कार्रवाई जारी है लेकिन स्कूल प्रबंधन की तरफ से बच्चों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जा रहे हैं ये अभी भी एक बड़ा सवाल है।
मुंबई में 2025 के स्कूल पॉक्सो केस: क्या है पूरा मामला?
मुंबई में 2025 में कुछ स्कूल पॉक्सो (POCSO) मामलों ने शहर को हिलाकर रख दिया है। इन मामलों में बच्चों के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं, जिनमें शिक्षक और स्कूल के कर्मचारी भी शामिल हैं।
गोरेगांव स्कूल में बच्ची से दुर्व्यवहार
ताजा मामले में मुंबई के गोरेगांव में एक प्रतिष्ठित स्कूल में एक 4 साल की बच्ची के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया। जहां बच्ची ने अपनी दादी को शरीर में हो रहे दर्द की शिकायत की इसके बाद बच्ची के माता-पिता ने उसकी मेडिकल जांच करवाई, जिसमें यौन शोषण की पुष्टि हुई। इस मामले में स्कूल की एक महिला कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।
टीचर पर छात्र के यौन शोषण का आरोप
मुंबई के एक नामी स्कूल में एक 40 साल की महिला टीचर को 16 साल के नाबालिग छात्र का यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि टीचर छात्र को फाइव स्टार होटलों में ले जाकर नशीली दवाएं देती थी और उसका यौन शोषण करती थी। हालांकि, बाद में कोर्ट ने टीचर को जमानत दे दी, जहां उसके वकील ने दावा किया कि यह रिश्ता आपसी सहमति से था और मामला झूठा है।
नवी मुंबई में स्कूल वैन ड्राइवर गिरफ्तार
नवी मुंबई में एक स्कूल वैन के ड्राइवर को 4 साल के बच्चे के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया। बच्चे के माता-पिता की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की।
इंस्टाग्राम पर अश्लील चैट
ठाणे (मुंबई का उपनगर) में एक महिला टीचर पर नाबालिग छात्र के साथ इंस्टाग्राम पर अश्लील चैट करने और वीडियो कॉल के दौरान अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगा है। छात्र के परिजनों ने इस बारे में शिकायत दर्ज कराई है।
POCSO मामलों में बढ़ोतरी
- महाराष्ट्र में, 2015 में लगभग 908 मामले दर्ज
- 2016 में ये संख्या बढ़कर लगभग 1,346 तक पहुंची
- मुंबई में साल 2023-24 में POCSO के मामलों में 21% वृद्धि
- 2024 में ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग में 2023 की तुलना में लगभग 21% की वृद्धि हुई।
Mumbai के POCSO मामले
2020 में एक आदमी ने एक 8 वर्षीय बच्ची का पड़ोसी के रूप में यौन शोषण किया।
विशेष POCSO न्यायालय ने आरोपी को 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
2020 में विशेष अदालत ने एक मामले में अभियुक्त को यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन ने यह साबित नहीं किया कि पीड़िता नाबालिग थी, और मुकदमे में सबूत कमजोर थे।
2021 में “POCSO केस बनाम प्रोडक्शन हाउस”: एक योगा प्रशिक्षक ने आरोप लगाया कि माइनर लड़कियों को कुछ वेब सीरीज़ में अश्लील सामग्री के लिए इस्तेमाल किया गया।
2025 ठाणे: 13 वर्ष की लड़की की गवाही के आधार पर उसके पिता को आत्मविश्वासपूर्ण लोढ़ायमान कोर्ट ने दोषी ठहराया गया।
इन कार्यक्रमों ने बढ़ाई जागरुकता
जागरुकता अभियान- “Police Didi”, “Bachche Police Bulayenge” के चलते बच्चों और उनके माता‑पिता में जागरूकता बढ़ी है, जिससे अधिक बच्चे मामले दर्ज हुए। पहले लोग डर या प्रतिष्ठा की वजह से शिकायत नहीं करवाते थे लेकिन अब मामले अदालतों और मीडिया में आ रहे हैं। वहीं इनमें कई मामलों में सजा भी हुई है।
हालांकि इन मामलों ने स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी पॉक्सो मामलों की सुनवाई में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। इस तरह के मामलों ने अभिभावकों और समाज में चिंता बढ़ा दी है, जिससे स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग उठ रही है।
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