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Panvel Election 2026: चुनाव से पहले तैयारियों में दिखी लापरवाही, 574 कर्मचारी रहे जरुरी ट्रेनिंग सेशंस के दौरान गायब

पनवेल नगर निगम चुनाव से पहले अनिवार्य प्रशिक्षण सत्रों में 574 कर्मचारियों की अनुपस्थिति पाई गई। प्रशासन ने चुनावी तैयारियों पर असर की आशंका जताते हुए नोटिस जारी किया है।

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पनवेल नगर निगम चुनाव को निष्पक्ष, सुचारु और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए प्रशासन की ओर से कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए अनिवार्य ट्रेनिंग सेशन रखा गया था। इस ट्रेनिंग का उद्देश्य ट्रेनिंग में मतदान की बारीकियां, ईवीएम चलाना, मॉक पोल, मतदाता सहायता, और चुनावी नियम तक सब कुछ समझाना था। चुनाव में छोटी सी गलती भी बड़ी गड़बड़ी ला सकती है, यही वजह है कि हर कर्मचारी को पूरी तरह तैयार करना जरूरी है। प्रशासन ने बड़ी संख्या में लोगों को बुलाया था, लेकिन उम्मीद के उलट कई कर्मचारी आए ही नहीं।

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574 कर्मचारियों की अनुपस्थिति ने बढ़ाई चिंता

ट्रेनिंग सेशन के दौरान 574 कर्मचारी बिना बताए गायब रहे। इतनी बड़ी संख्या देखकर प्रशासन हैरान रह गया। चुनाव की तैयारी में सबसे अहम भूमिका इंसानों की ही होती है, और जब इतने लोग न हों, तो दिक्कत तो होगी ही। कुछ ने निजी या तबियत से जुड़ी वजह बताई, लेकिन ज्यादातर बिना कोई कारण बताए गायब हो गए। अब सवाल खड़ा हो गया है, इतने जरूरी काम में लापरवाही कैसे बर्दाश्त की जाए? ये गैरहाजिरी न सिर्फ ट्रेनिंग की गुणवत्ता पर असर डालती है, बल्कि पूरी चुनावी व्यवस्था को खतरे में डाल सकती है।

प्रशासन ने अपनाया सख्त रुख

मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव विभाग और नगर निगम प्रशासन ने अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिसों के ज़रिए कर्मचारियों से सीमित समय में जवाब मांगा गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सही जवाब न मिलने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इसमें अनुशासनात्मक कार्रवाई से लेकर अन्य दंडात्मक कदम शामिल हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव ड्यूटी कोई वैकल्पिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि संवैधानिक दायित्व है, और इसमें लापरवाही को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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चुनावी तैयारियों पर असर

पनवेल नगर निगम चुनाव तय वक्त पर कराने की तैयारी चल रही है, लेकिन ऐसे में ट्रेनिंग से बचना चुनावी प्रक्रिया को कमजोर बनाता है। अब प्रशासन कोशिश कर रहा है कि आगे होने वाले सभी ट्रेनिंग सेशंस में सबकी हाजिरी पक्की हो। साथ ही, ये भी बताने में लगा है कि चुनाव ड्यूटी महज औपचारिकता नहीं, यह लोकतंत्र की रीढ़ है। आने वाले दिनों में प्रशासन कितनी सख्ती दिखाता है, इसी से तय होगा कि चुनाव कितने पारदर्शी और मजबूत रहते हैं। इस पूरी घटना ने साफ कर दिया कि चुनाव की तैयारी में अनुशासन और जिम्मेदारी सबसे जरूरी है।

Keywords: Panvel Election, Municipal Election, Election Training, Absentee Staff, Election Administration

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