मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। इतनी बड़ी लापरवाही के चलते 100 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जिनका इलाज जारी है। दूषित पानी ने किसी से पिता छीन लिया तो किसी की गोद उजाड़ दी। ऐसा ही एक परिवार इंदौर के नई बस्ती इलाके के मराठी मोहल्ले में रहता है, जिस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दरअसल, दूषित पीने के पानी ने एक मां से उसका 6 महीने का मासूम बच्चा छीन लिया। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
10 साल बाद बेटे ने ली थी जन्म
साधना साहू के घर दस साल बाद बेटे की किलकारी गूंजी थी। उन्होंने छह महीने पहले ही एक बेटे को जन्म दिया था। एक मां का सपना पूरा हुआ था और उसे जीने का एक सहारा मिला था, लेकिन दूषित पीने के पानी ने उसका यह सहारा हमेशा के लिए छीन लिया।
उल्टी-दस्त से बिगड़ी हालत
रिपोर्ट के मुताबिक, साधना साहू ने बताया कि उनके इलाके में कई दिनों से बदबूदार और गंदा पानी आ रहा था। इसी दौरान उनके बच्चे को उल्टी-दस्त शुरू हो गए। बच्चे की हालत बिगड़ने पर मां उसे लेकर अस्पताल पहुंची। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। आखिरकार बीमारी के कारण बच्चे ने दम तोड़ दिया।
ऐसे बीमार हुआ 6 महीने का मासूम
साधना ने बताया कि ब्रेस्ट फीडिंग से बच्चे का पेट पूरी तरह नहीं भर पाता था। पर्याप्त दूध न मिलने के कारण उन्होंने बाहर से दूध मंगवाना शुरू किया। दूध को थोड़ा पतला करने के लिए उसमें पानी मिलाया गया, लेकिन वही पानी बच्चे की तबीयत खराब होने की वजह बन गया। इसके बाद उल्टी-दस्त नहीं रुके और हालत बिगड़ती चली गई, जिससे उसकी मौत हो गई। गौरतलब है कि इंदौर में दूषित पानी के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अब तक 149 लोग बीमार हो चुके हैं और उनका इलाज जारी है। इस वजह से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
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