कॉकरोच जनता पार्टी को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार (29 मई) को अदालत ने पार्टी के X (ट्विटर) अकाउंट को तुरंत बहाल करने की मांग को खारिज कर दिया। यह फैसला जस्टिस पुरुषैन्द्र कुमार कौरव ने अभिजीत दीपके की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। दीपके, जो पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े थे, ने हाल ही में CJP की शुरुआत की थी।
CJP का X अकाउंट ब्लॉक, नया हैंडल ‘कॉकरोच इज बैक’ चर्चा में
CJP के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) का अकाउंट 21 मई को भारत में ब्लॉक कर दिया गया था। इसके बाद संगठन ने नया अकाउंट ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से शुरू किया, जो तेजी से लोकप्रिय हो गया और इसके 2.27 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। यह डिजिटल अभियान अपने अनोखे अंदाज और विरोध के प्रतीकों के कारण लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
CJP का अभियान और नए मुद्दों पर फोकस तेज
16 मई को गठित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का कहना है कि उसका उद्देश्य युवाओं को एकजुट करना और सरकार को जवाबदेह बनाना है। संगठन ने शिक्षा व्यवस्था की कथित खामियों और NEET-UG 2026 पेपर लीक के आरोपों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए अभियान शुरू किया है।
चीफ जस्टिस की टिप्पणी पर मीडिया रिपोर्टिंग को लेकर स्पष्टीकरण
16 मई को चीफ जस्टिस ने अपनी टिप्पणी पर स्पष्टिकरण जारी करते हुए कहा कि वे उन खबरों से आहत हैं, जिनमें यह बताया गया कि उन्होंने युवाओं की आलोचना की है। उन्होंने साफ किया कि उनकी टिप्पणी उन लोगों के खिलाफ थी जो फर्जी और अवैध डिग्रियों के आधार पर कानूनी पेशे में प्रवेश कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मीडिया के कुछ हिस्सों ने उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया है।
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