केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने रविवार को इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के राज्य महासचिव पी.एम.ए. सलाम की मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ की गई टिप्पणी को “घृणित और अस्वीकार्य” बताया। यह विवाद राज्य सरकार द्वारा केंद्र के साथ पीएम श्री योजना पर हस्ताक्षर किए गए समझौता ज्ञापन (MoU) को लेकर भड़का है, जिसे बाद में राज्य सरकार ने स्थगित कर दिया था।
शिवनकुट्टी ने IUML नेतृत्व से अपील की कि वे सलाम को माफी मांगने के लिए निर्देश दें।
उन्होंने कहा उनकी टिप्पणियां अत्यंत घृणित हैं और केरल की सांस्कृतिक मूल्यों का अपमान करती हैं। किसी वरिष्ठ राजनीतिक नेता से ऐसी अमानवीय और अलोकतांत्रिक टिप्पणी की उम्मीद नहीं की जा सकती।
मुद्दे से भटकने वालों के पास तर्क नहीं- शिवनकुट्टी
सीपीआई(एम) नेता शिवनकुट्टी ने कहा कि जब लोग किसी मुद्दे पर ठोस बहस में योगदान नहीं दे पाते, तो वे “व्यक्तिगत हमलों” का सहारा लेते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सलाम की टिप्पणी राजनीतिक हताशा और निराशा से उपजी है, क्योंकि राज्य सरकार ने सार्वजनिक शिक्षा क्षेत्र में जो क्रांतिकारी सुधार किए हैं, उससे विरोधी दल परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र की निधियों का उपयोग करते हुए भी केरल के सार्वजनिक शिक्षा मॉडल से कोई समझौता नहीं किया है। मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणी केवल सस्ती राजनीतिक सुर्खियां बटोरने का तरीका है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि केरल की जनता सलाम की टिप्पणियों को उपेक्षा और अस्वीकृति के साथ देखेगी।
IUML नेतृत्व ने ली दूरी
विवाद के बाद IUML नेतृत्व ने भी सलाम की टिप्पणी से खुद को अलग कर लिया। IUML प्रमुख पनक्कड सादिक अली शिहाब थंगल ने कहा राजनीतिक आलोचना व्यक्तिगत अपमान के स्तर तक नहीं गिरनी चाहिए। यह पार्टी की नीति नहीं है। विपक्ष का कर्तव्य है कि वह सरकार की गलतियों की ओर ध्यान दिलाए, लेकिन शालीनता बनाए रखे।
वरिष्ठ IUML नेता पी.के. कुन्हालिकुट्टी ने भी कहा कि मुस्लिम लीग हमेशा संयम और गरिमा के साथ अपने विचार रखती है। अगर किसी नेता से जुबान फिसल जाए, तो पार्टी नेतृत्व उसे सुधारता है। इस मामले में थंगल ने पहले ही स्थिति स्पष्ट कर दी है।
क्या है विवाद की जड़?
IUML नेता पी.एम.ए. सलाम ने शनिवार को वाझक्कड पंचायत में एक सम्मेलन में भाषण के दौरान कहा था कि केंद्र की पीएम श्री योजना हिंदुत्व विचारधारा को बढ़ावा देने और इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का प्रयास है। IUML, जो कांग्रेस-नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) की सहयोगी पार्टी है, राज्य सरकार द्वारा इस योजना पर केंद्र के साथ एमओयू साइन किए जाने का विरोध कर रही थी। बहरहाल विवाद के बाद राज्य सरकार ने इस समझौते को स्थगित कर दिया है।
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