- Advertisement -

ट्रंप ने ईरान पर एक्स्ट्रा 25% टैरिफ लगाने का किया ऐलान, क्या भारत के व्यापारिक हितों पर बढ़ेगा दबाव?

अमेरिका ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जिससे भारत जैसे देशों पर आर्थिक असर पड़ सकता है।

4 Min Read

भारत: डोनाल्ड ट्रंप फिर से टैरिफ को अपना बड़ा हथियार बनाकर सामने आए हैं। उन्होंने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% का अतिरिक्त शुल्क लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने साफ कहा है, ये फैसला तुरंत लागू होगा और इसमें कोई बदलाव की गुंजाइश नहीं है। इससे एक बात बिलकुल साफ हो जाती है, अमेरिका ईरान के मामले में किसी तरह की नरमी नहीं दिखाना चाहता।

- Advertisement -
Ad image

ये कदम सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी देशों पर दबाव बनाने की रणनीति है, जो किसी न किसी तरीके से तेहरान से जुड़े हैं। ऐसे में वैश्विक सप्लाई चेन, ऊर्जा बाजार और खासकर विकासशील देशों के सामने नई मुश्किलें आ सकती हैं।

भारत-ईरान का व्यापार घटा

भारत और ईरान का व्यापार कोई नया नहीं है, यह रिश्ता दशकों पुराना है और इसमें सिर्फ पैसे का ही नहीं, रणनीतिक अहमियत का भी सवाल है। वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce) के मुताबिक, 2024-25 में दोनों देशों के बीच करीब 1.68 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। इसमें भारत ने 1.24 अरब डॉलर का सामान ईरान को बेचा और 0.44 अरब डॉलर का माल वहां से खरीदा यानी भारत को 0.80 अरब डॉलर का फायदा हुआ। लेकिन अगर 2018-19 की बात करें, तब ये आंकड़ा लगभग 17 अरब डॉलर था, जो अब काफी घट गया है। अमेरिका के प्रतिबंधों के बाद भारत ने ईरान से तेल खरीदना कम कर दिया, लेकिन जरूरी चीजों और कृषि उत्पादों का व्यापार अब भी जारी है। आज भी ईरान, बासमती चावल, चाय, दवाइयां और खाने-पीने के सामान के लिए भारत का अहम ग्राहक है।

- Advertisement -
Ad image

आयात-निर्यात का किसानों पर असर

भारत ईरान से पेट्रोलियम गैस, पेट्रोलियम कोक, केमिकल्स, ड्राई फ्रूट्स, सेब और बिटुमेन मंगाता है। वहीं, भारत से ईरान को बासमती चावल, चीनी, केले, दालें, मांस और दवाइयां भेजी जाती हैं। सबसे बड़ी बात, बासमती चावल का निर्यात लाखों भारतीय किसानों की रोजी-रोटी से जुड़ा है। अगर अमेरिकी दबाव के चलते यह कारोबार और सिमटता है, तो किसानों और कृषि निर्यातकों को सीधी चोट लगेगी। फिर भी, भारत ने पिछले कुछ सालों में पेमेंट और लॉजिस्टिक्स के लिए नए रास्ते ढूंढ लिए हैं, इसलिए कारोबार एकदम से बंद नहीं हुआ।

भारत पर पड़ सकता है ऐसे असर

अगर भारत के ईरान से कारोबार की वजह से अमेरिका भारतीय सामान पर 25% और टैक्स लगा देता है, तो कुल टैक्स 75% तक पहुंच जाएगा (पहले से 50% लग रहा है)। ऐसे में भारतीय माल अमेरिका में महंगा हो जाएगा और एक्सपोर्ट पर सीधा असर पड़ेगा। लेकिन जानकार मानते हैं कि भारत का ज्यादातर ईरान व्यापार अब अप्रत्यक्ष या तीसरे देशों के जरिए हो रहा है, इसलिए असर कुछ हद तक सीमित रह सकता है। भारत, रूस की तरह, ईरान से जरूरी सामान मंगाने के लिए नए भुगतान रास्तों और कूटनीतिक बैलेंस की कोशिश करता रहेगा। असली चुनौती यही है कि भारत अमेरिकी दबाव और अपनी ऊर्जा-खाद्य जरूरतों के बीच कैसे संतुलन बिठाता है।

Keywords: US Tariff On Iran, India Iran Trade, Donald Trump Tariff, India US Trade Impact, Iran Sanctions, Basmati Rice Export

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

लेटेस्ट
चुटकी शॉट्स
वीडियो
वेबस्टोरी
मेन्यू