Railways New Fare Structure: भारतीय रेलवे ने किराया प्रणाली( Fare Structure ) में कुछ बदलाव किए हैं, लेकिन हर किसी पर इसका एक जैसा असर नहीं पड़ेगा। जो लोग रोज़ सबअर्बन ट्रेनों में सफर करते हैं या जिनके पास मंथली सीजन टिकट (MST) है, उनके लिए किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसके अलावा, अगर आप साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर या उससे कम की यात्रा करते हैं, तो आपको पहले जितना ही किराया देना होगा। रेलवे का ये फैसला उन लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आया, जो हर दिन नौकरी या पढ़ाई के लिए ट्रेन पर भरोसा करते हैं।
लंबी दूरी वालों के लिए क्या बदला
छोटी और मध्यम दूरी के यात्रियों को तो राहत मिली है, लेकिन लंबी दूरी की यात्रा अब थोड़ी महंगी हो गई है। अब अगर आप साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर से ज्यादा सफर करते हैं, तो हर किलोमीटर पर 1 पैसा ज्यादा देना पड़ेगा। मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में, चाहे नॉन-एसी हो या एसी, दोनों में किराया प्रति किलोमीटर 2 पैसे बढ़ गया है। सुनने में ये बढ़ोतरी बहुत कम लगती है, लेकिन जो लोग बार-बार लंबी दूरी की यात्रा करते हैं, उनके लिए फर्क साफ महसूस होगा। मान लीजिए, 500 किलोमीटर के सफर में नॉन-एसी यात्री को करीब 10 रुपये ज्यादा देने होंगे।
The Railway has announced a new fare structure effective from December 26, 2025, with no fare increase for journeys under 215 km in Ordinary Class. For journeys beyond 215 km, there will be a fare hike of 1 paise per km in Ordinary Class, and 2 paise per km for Mail/Express… pic.twitter.com/lD4fUQ8eeK
— ANI (@ANI) December 21, 2025
रेलवे को क्यों चाहिए थी ज्यादा कमाई
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव से चालू साल में लगभग 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होगी। पिछले कुछ सालों में रेलवे का दायरा काफी बढ़ा है नई लाइनें बिछी हैं, ट्रेनों की संख्या बढ़ी है, सुरक्षा और यात्रियों की सुविधाओं पर बड़ा खर्च हुआ है। रेलवे के लिए अब जरूरी हो गया था कि बिना यात्रियों पर ज्यादा बोझ डाले, किराए में छोटी-सी बढ़ोतरी करके संसाधनों का संतुलन बनाए रखा जाए।
क्या कहता है आंकड़ा
अगर आंकड़ों की बात करें तो रेलवे का मैनपावर खर्च अब 1.15 लाख करोड़ रुपये तक जा पहुंचा है। पेंशन पर हर साल करीब 60 हजार करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। 2024-25 में ऑपरेशनल खर्च लगभग 2.63 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सुरक्षा के नए मानक, कर्मचारियों की संख्या और ट्रेनिंग बढ़ाने के चलते खर्च लगातार चढ़ रहा है। रेलवे माल ढुलाई बढ़ाकर भी कमाई बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, फिर भी यात्रियों के किराए में हल्की बढ़ोतरी जरूरी हो गई थी।
आम यात्रियों के लिए क्या है फायदा
रेलवे का कहना है कि इन आर्थिक कदमों का असर सुरक्षा और संचालन में दिख रहा है। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा माल ढोने वाला रेलवे नेटवर्क बन चुका है। हाल के त्योहारों में 12 हजार से ज्यादा स्पेशल ट्रेनों का सफल संचालन इसी मजबूत व्यवस्था का सबूत है। किराया बढ़ोतरी भले सीमित है, फिर भी लंबी दूरी और नियमित सफर करने वालों को अब अपनी यात्रा की योजना में थोड़ा और खर्च जोड़ना होगा। कुल मिलाकर, ये फैसला रेलवे को आर्थिक तौर पर मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने की एक संतुलित कोशिश है।
Keywords: Indian Railways, Railway Fare Hike, New Fare Structure, Train Ticket Price, Long Distance Travel, Mail Express Trains

