भारतीय पहलवान विनेश फोगाट को एशियन गेम्स चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की मंजूरी मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार करते हुए WFI की याचिका पर नोटिस जारी किया है। अब मामले की अगली सुनवाई 1 जून को होगी। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल ट्रायल रोकना उचित नहीं होगा, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश और विनेश की मांग को लेकर कई सवाल हैं, जिनका जवाब देना जरूरी है। अदालत ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियां महत्वपूर्ण हैं, लेकिन देशहित सबसे ऊपर है।
WFI की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल
दिल्ली हाईकोर्ट से ट्रायल में हिस्सा लेने की राहत मिलने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया, जहां WFI ने फैसले को चुनौती दी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट से कहा कि वह देश की बड़ी खिलाड़ियों में शामिल हैं, लेकिन अदालत के सामने कुछ अहम सवाल हैं जिन पर जवाब जरूरी है। फिलहाल कोर्ट ने ट्रायल में शामिल होने पर रोक नहीं लगाई है।
सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट से पूछे कई अहम सवाल
विनेश फोगाट की ओर से कोर्ट में कहा गया कि वह सिर्फ ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति चाहती हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उनके खेल से ब्रेक, मां बनने के बाद डोपिंग टेस्ट में शामिल न होने और लोकेशन की जानकारी नहीं देने जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए। अदालत ने यह भी कहा कि बाद में विधानसभा कार्यवाही में व्यस्त होने का जो कारण बताया गया, उसे स्वीकार नहीं किया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने नियमों और समयसीमा पर जताई सख्ती
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट से कहा कि एशियन गेम्स चयन प्रक्रिया फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी थी और उसमें तय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना जरूरी था। अदालत ने यह भी कहा कि विनेश ने काफी देर बाद मई में याचिका दायर की। कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि खेल संघ के नियम लंबे समय से लागू हैं और सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होते हैं। साथ ही अदालत ने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियां अहम हैं, लेकिन देशहित सबसे पहले आता है।
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