प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम-सेतु योजना की शुरुआत की, जो करीब 60,000 करोड़ रुपये की बड़ी केंद्र सरकार की योजना है। इसके तहत देशभर के 1,000 सरकारी आईटीआई को अपग्रेड किया जाएगा। ये हब-एंड-स्पोक मॉडल पर काम करेगा, जिसमें 200 हब आईटीआई होंगे और हर एक हब से करीब 4 छोटे आईटीआई (स्पोक) जुड़े रहेंगे। हब वाले आईटीआई में नए ट्रेड्स, डिजिटल लर्निंग और इनक्यूबेशन जैसी मॉडर्न सुविधाएं मिलेंगी, जिससे छात्रों को अच्छा प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस और बेहतर ट्रेनिंग मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि ये आईटीआई ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए वर्कशॉप की तरह काम करेंगे। उन्होंने छात्रों को बधाई दी और कहा कि ये पहल दिखाती है कि अब भारत में स्किल डेवेलपमेंट को कितनी अहमियत दी जा रही है।
बिहार में निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना
युवाओं को आर्थिक रूप से मदद करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत पांच लाख ग्रेजुएट युवाओं को हर महीने 1,000 रुपये की मदद दो साल तक मिलेगी। इसका मकसद बेरोजगार युवाओं को थोड़ी आर्थिक सहारा देना है ताकि वे करियर में आगे बढ़ सकें, नई स्किल्स सीख सकें या छोटा-मोटा बिज़नेस शुरू कर सकें। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
With a strong focus on skilling and innovation, our government is preparing the Yuva Shakti to lead the future. Speaking at the launch of youth-centric initiatives in Delhi. https://t.co/kiAbStpTP4
— Narendra Modi (@narendramodi) October 4, 2025
नए विश्वविद्यालय और अनुसंधान केंद्र
प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में इंडस्ट्री से जुड़ी पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया। इसके साथ ही बिहार के चार यूनिवर्सिटी में नई पढ़ाई और रिसर्च से जुड़ी सुविधाओं की नींव रखी गई और बिहटा में NIT पटना के नए कैंपस का भी लोकार्पण किया गया।
पीएम मोदी ने कहा कि ये सभी पहलें बिहार के युवाओं के बेहतर भविष्य की गारंटी हैं। इन संस्थानों में स्टूडेंट्स नई तकनीक और प्रोफेशनल स्किल्स सीखकर अपना करियर मजबूत बना सकेंगे।
रोजगार के अवसर और पिछले अनुभव
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पिछले 20 सालों में बिहार सरकार ने करीब 50 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ा है। हाल के कुछ सालों में ही करीब 10 लाख युवाओं को पक्की सरकारी नौकरियां मिली हैं, जो दिखाता है कि राज्य सरकार रोजगार के लिए लगातार काम कर रही है। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि नई योजनाएं और संस्थान बिहार के छात्रों के लिए नौकरी के नए मौके खोलेंगे। युवा आयोग और कौशल विश्वविद्यालय की मदद से अब तक 25 लाख छात्रों को स्कॉलरशिप दी जा चुकी है।
व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 400 नवोदय विद्यालयों और 200 एकलव्य स्कूलों में कुल 1,200 व्यावसायिक कौशल प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया। इन लैब्स में छात्रों को IT, ऑटोमोबाइल, कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और टूरिज़्म जैसे 12 हाई-डिमांड क्षेत्रों में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और CBSE गाइडलाइंस के मुताबिक, इन प्रयोगशालाओं के लिए 1,200 प्रोफेशनल टीचर्स को खासतौर पर ट्रेन किया गया है। इसका मकसद है छात्रों को जॉब के लिए तैयार करना और उन्हें इंडस्ट्री से जुड़ी स्किल्स देना।
युवाओं के लिए उज्ज्वल भविष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन योजनाओं और परियोजनाओं से युवाओं का सुनहरा भविष्य सुनिश्चित होगा। आईटीआई से लेकर नए विश्वविद्यालय और कौशल प्रयोगशालाएं, सबका मकसद यही है कि युवा अपने सपनों को पूरा करें और देश की तरक्की में योगदान दें। यह वक्त युवाओं के लिए खास है, क्योंकि अब उन्हें शिक्षा, स्किल और रोजगार के बेहतर मौके एक साथ मिल रहे हैं। पीएम मोदी ने सभी छात्रों और युवाओं को शुभकामनाएं दीं और कहा कि ये कदम बिहार के विकास और युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगे।
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