- Advertisement -

‘भारत बंदूक की नोक पर भी ट्रेड डील साइन नहीं करेगा’, जर्मनी से पीयूष गोयल ने किया अमेरिका पर तीखा हमला

बर्लिन में ग्लोबल डायलॉग के मंच से वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के दोहरे रवैये पर हमला किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरत और राष्ट्रीय हित के अनुसार ही निर्णय लेता है।

4 Min Read

बर्लिन ग्लोबल डायलॉग में पीयूष गोयल ने अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब भारत अपनी जरूरत के अनुसार रूस से तेल खरीदता है, तो आलोचना होती है, जबकि अमेरिका यूके और जर्मनी जैसे देशों को रूस से तेल आयात की छूट दे देता है। गोयल ने सवाल उठाया, “अगर जर्मनी और ब्रिटेन को अमेरिकी तेल प्रतिबंध से छूट दी जा सकती है, तो भारत की जांच क्यों होती है?” उनके इस बयान से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्वतंत्र विदेश नीति स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

- Advertisement -
Ad image

‘भारत दबाव में नहीं झुकेगा’ – गोयल का स्पष्ट संदेश

गोयल ने कहा कि भारत अपने किसी भी देश के साथ संबंध हमेशा ‘राष्ट्रीय हित’ को प्राथमिकता देकर तय करता है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “भारत बंदूक की नोक पर कोई ट्रेड डील साइन नहीं करेगा।” यह बयान भारत की आत्मनिर्भर और स्वतंत्र नीति को दर्शाता है। उनका कहना है कि किसी भी वैश्विक दबाव में आकर आर्थिक फैसले लेना देश के दीर्घकालिक हितों के खिलाफ होगा। साथ ही, गोयल ने यह भी बताया कि भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार में ‘निर्देश मानने वाला’ नहीं, बल्कि ‘सक्रिय भागीदार’ बनना चाहता है।

अमेरिका का दबाव और भारत की स्पष्ट नीति

हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीदना बंद करने का दबाव बढ़ा दिया है। अमेरिका का कहना है कि रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के चलते भारत को भी रूस से तेल आयात नहीं करना चाहिए। लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों और नागरिकों के हित को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लेगा। अमेरिका ने रूस से तेल खरीदते रहने पर भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया। इसके बावजूद भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा है। सरकार का कहना है कि यह कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए जरूरी है। भारत का रुख इस बात पर आधारित है कि किसी बाहरी दबाव में आकर देश की ऊर्जा जरूरतों और जनता के हित के खिलाफ निर्णय नहीं लिया जाएगा।

- Advertisement -
Ad image

अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भारत की नई भूमिका

भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी स्वतंत्र पहचान मजबूत कर ली है। चाहे रूस से तेल खरीदना हो या किसी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते का मामला, भारत अब अपने राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखता है। पीयूष गोयल के बयानों ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अपनी ‘नीतिगत संप्रभुता’ (policy sovereignty) से किसी भी हालत में समझौता नहीं करेगा। पश्चिमी देशों के दोहरे मानदंडों पर सवाल उठाकर भारत ने दुनिया को संदेश दिया कि नई दिल्ली अब केवल ‘रिसीवर’ नहीं, बल्कि वैश्विक फैसलों में सक्रिय ‘डिसीजन मेकर’ की भूमिका निभा रही है।

Keywords: India Russia Oil Trade, Piyush Goyal Statement, Donald Trump Tariff, US India Relations

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

लेटेस्ट
चुटकी शॉट्स
वीडियो
वेबस्टोरी
मेन्यू