बिहार में चुनावी माहौल गर्म है और लालू परिवार फिर से चर्चा में है। इस बार वजह हैं तेज प्रताप यादव, जिन्होंने आरजेडी छोड़कर अपनी नई पार्टी, जनशक्ति जनता दल (जेजेडी), बनाई है। आरजेडी से निष्कासित होने के बाद तेज प्रताप पहली बार अपने दम पर चुनाव लड़ रहे हैं और उन्होंने बिहार की 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। खुद तेज प्रताप महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, वही सीट जहां से उन्होंने 2015 में पहली बार विधायक बनकर राजनीति में कदम रखा था। तेज प्रताप का कहना है कि उनका मकसद किसी पद या सत्ता को पाना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। उनका यह कदम बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है।
“तेजस्वी पिता की छत्रछाया में”- भाई पर साधा निशाना
तेज प्रताप यादव ने अपने छोटे भाई और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा, “तेजस्वी पिता लालू यादव की छत्रछाया में हैं। अगर उनमें हिम्मत है तो बिना लालू यादव के समर्थन के चुनाव लड़कर दिखाएं।” इस बयान से दोनों भाइयों के बीच मतभेद अब सार्वजनिक हो गए हैं। तेज प्रताप ने कहा कि वे सत्ता की भूख के लिए नहीं, बल्कि अपने सिद्धांत और आत्मसम्मान के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जनता जिस उम्मीदवार को आशीर्वाद देगी, वही सत्ता पाएगा, न कि केवल परिवार के नाम पर राजनीति करने वाला।
People may call him mad at times, but at least he says whatever is in his heart without filters. And greed surely is not his thing, because he has spent half his time praising and boosting his younger brother Tejashwi anyway. Politics with emotions, Bihar style.
— The Educated Pen (@pen_educated) October 24, 2025
“आरजेडी में लौटने से बेहतर मौत”- तेज प्रताप का बड़ा बयान
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी हालत में आरजेडी में लौटेंगे नहीं। उन्होंने कहा, “मैं आरजेडी में लौटने से बेहतर मौत को चुनूंगा।” उनका कहना है कि आरजेडी छोड़ना उनका नैतिक फैसला था, क्योंकि पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। तेज प्रताप ने कहा कि अपनी नई पार्टी, जनशक्ति जनता दल के जरिए वे जनता की सच्ची आवाज बनना चाहते हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि विधायक रहते हुए उन्होंने महुआ क्षेत्र में कई विकास कार्य किए और अब वहां के लोग उन्हें फिर से अपने बीच देखना चाहते हैं।
माता-पिता और जनता का आशीर्वाद सबसे बड़ा बल
नामांकन के दौरान तेज प्रताप ने अपनी दिवंगत दादी मरिचिया देवी की तस्वीर अपने साथ रखी। उन्होंने कहा, “मेरे पिता लालू यादव को राजनीति में आगे बढ़ाने में दादी का बड़ा योगदान था। आज मैं भी उन्हीं के आशीर्वाद से चुनाव लड़ रहा हूं।” तेज प्रताप ने यह भी बताया कि लंबे समय से माता-पिता से उनकी बात नहीं हुई, लेकिन उन्हें भरोसा है कि उनका आशीर्वाद हमेशा उनके साथ है। तेजस्वी के बारे में उन्होंने कहा कि वे उनके छोटे भाई हैं और उन पर दादी का आशीर्वाद हमेशा बना रहेगा, लेकिन अंत में जनता का फैसला ही निर्णायक होगा।
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