नई दिल्ली: आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2025 है, और अब सिर्फ दो दिन बचे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि करीब आने के साथ ही यह अटकलें भी तेज हो गई हैं कि क्या सरकार इस समय सीमा को और आगे बढ़ाएगी।
हालांकि, यह पूरी तरह से वित्त मंत्रालय के निर्णय पर निर्भर करता है कि अंतिम तिथि बढ़ेगी या नहीं। लेकिन, अगर आप किसी कारणवश 15 सितंबर तक अपना ITR दाखिल नहीं कर पाते हैं, तो भी आपके पास एक विकल्प मौजूद है। आप 31 दिसंबर 2025 तक विलंबित ITR दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आपको लेट फाइन देना होगा।
लेट ITR फाइल करने के नियम और जुर्माना-
- आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत, अंतिम तिथि के बाद ITR दाखिल करने पर लेट फीस लगता है।
- यदि आपकी कुल आय ₹5 लाख से अधिक है, तो आपको ₹5,000 का जुर्माना देना होगा।
- यदि आपकी कुल आय ₹5 लाख से कम है, तो जुर्माने की राशि ₹1,000 होगी।
- आयकर विभाग सभी करदाताओं को सलाह देता है कि वे बिना किसी जुर्माने के और अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए 15 सितंबर से पहले ही अपना ITR दाखिल कर दें।
6 करोड़ लोगों ने फाइल की ITR
आयकर विभाग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया X पर एक महत्वपूर्ण जानकारी दी है। विभाग के मुताबिक, अब तक 6 करोड़ से ज्यादा करदाताओं ने अपने ITR दाखिल कर दिए हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है, जो करदाताओं और कर विशेषज्ञों के सहयोग से संभव हुई है।
ITR फाइल करने वालों को धन्यवाद
आयकर विभाग ने पोस्ट में सभी करदाताओं और कर विशेषज्ञों का धन्यवाद किया है जिन्होंने इस प्रक्रिया को सुगम बनाया और 6 करोड़ ITR फाइल करने का लक्ष्य पूरा करने में मदद की। विभाग ने यह भी बताया कि यह संख्या लगातार बढ़ रही है और अभी भी बहुत से लोग ITR फाइल कर रहे हैं।
24×7 हेल्पडेस्क सहायता उपलब्ध
करदाताओं की सुविधा के लिए आयकर विभाग का हेल्पडेस्क 24 घंटे, सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध है। आप कॉल, लाइव चैट, वेबएक्स सेशन या ट्विटर/X के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह सेवा ITR दाखिल करने, कर भुगतान और अन्य संबंधित सेवाओं में मदद करती है।
15 सितंबर है अंतिम तारीख– देर न करें!
आयकर विभाग ने सभी करदाताओं से अनुरोध किया है कि वे AY 2025-26 के लिए अपने ITR जल्द से जल्द दाखिल करें। 15 सितंबर के बाद फाइलिंग करने पर लेट फाइन और अन्य दिक्कतें हो सकती हैं।
ITR नहीं फाइल किया तो क्या होगा?
अगर आपने निर्धारित समय के बाद ITR दाखिल किया तो आपको जुर्माना यानी लेट फाइन देना पड़ेगा। इसके साथ ही आपको रिफंड मिलना है तो उसमें भी देरी होगी। इतना ही नहीं आयकर विभाग की ओर से नोटिस भी जारी हो सकता है। अगर गंभीर मामले हैं तो उस केस में कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

