पटना: बिहार में नई सरकार के गठन के बीच एक अहम राजनीतिक मोड़ सामने आया है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने डिप्टी सीएम पद को लेकर अपनी स्पष्ट राय रखी है, जिससे पार्टी में असमंजस की स्थिति बन गई है। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने साफ कर दिया है कि बिना जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि बने वह यह पद स्वीकार नहीं करेंगे। उनका मानना है कि पहले चुनाव जीतकर विधायक बनना जरूरी है, उसके बाद ही किसी बड़े पद की जिम्मेदारी लेना सही होगा।
निशांत को मनाने की कोशिश तेज, पार्टी में मंथन जारी
सूत्रों के मुताबिक, निशांत कुमार को राजी करने के लिए जेडीयू के वरिष्ठ नेता और करीबी लगातार बातचीत कर रहे हैं। बीते दिन से समझाने का सिलसिला जारी है, लेकिन अब तक वे अपने फैसले पर अड़े बताए जा रहे हैं। इस स्थिति ने पार्टी के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब सवाल उठ रहा है कि अगर वे नहीं माने, तो डिप्टी सीएम पद के लिए किसे चुना जाएगा। हालांकि, पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि उन्हें जल्द मना लिया जाएगा।
वैकल्पिक विकल्पों पर विचार, नजरें अंतिम फैसले पर
रिपोर्ट्स के अनुसार, जेडीयू आज शाम तक कोई दूसरा रास्ता तय कर सकती है। अगर तब तक निशांत कुमार अपने रुख में बदलाव नहीं करते हैं, तो मामला और पेचीदा हो सकता है। ऐसी संभावना भी जताई जा रही है कि शपथ ग्रहण में सिर्फ मुख्यमंत्री ही पद की शपथ लें और डिप्टी सीएम का फैसला बाद में किया जाए। फिलहाल पार्टी की रणनीति और निशांत के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
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