पुलिस की जिम्मेदारी लोगों की जान-माल की रक्षा करना होती है, लेकिन जब वही पुलिस लूटपाट को अंजाम देने लगे तो व्यवस्था पर सवाल खड़े हो जाते हैं। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला बिहार से सामने आया है, जहां एक पुलिस अधिकारी समेत चार जवानों ने मिलकर बड़ी लूट को अंजाम दिया। इस घटना से खाकी एक बार फिर शर्मसार हुई है।
दरअसल, 22307 हावड़ा-बीकानेर एक्सप्रेस ट्रेन से यात्रा कर रहे एक कारोबारी के स्टाफ से जीआरपी (GRP) के थानाध्यक्ष सहित चार पुलिसकर्मियों ने 1 करोड़ 44 लाख रुपये मूल्य के सोने की लूट कर ली। यह कोई सामान्य लूट की वारदात नहीं थी। ट्रेन में हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एक करोड़ रुपये से अधिक के गहनों की लूट की सूचना मिलते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।
पटना रेल एसपी ने शुरू कराई जांच
घटना को लेकर 29 नवंबर को एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद पटना रेल एसीपी ने मामले की जांच शुरू की और एक विशेष टीम गठित की गई। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, परत दर परत चौंकाने वाले खुलासे होते गए। सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस विभाग के भी होश उड़ गए। जांच में सामने आया कि इस लूटकांड में जीआरपी के थानाध्यक्ष सहित चार पुलिसकर्मी सीधे तौर पर शामिल थे।
1 करोड़ 44 लाख रुपये के सोने की हुई थी लूट
जांच के दौरान पीड़ित धनंजय शाश्वत के बयान के आधार पर जिन पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए, उनमें रेल थाना अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह के अलावा अभिषेक चतुर्वेदी, रणंजय कुमार, आनंद मोहन और परवेज आलम शामिल हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी थाना अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
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