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इस नवरात्रि कन्या पूजन से दूर करें नवग्रह दोष, जानें कब और कैसे करें ये खास पूजा

शारदीय नवरात्रि में कन्या पूजन का खास महत्व है। इस साल यह पूजा 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को की जा सकती है, जिससे नवग्रहों को भी शांत किया जा सकता है।

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शारदीय नवरात्रि पूरे देश में जोर-शोर से मनाई जा रही है। माता रानी के भक्त भक्ति में डूबे हैं। इस दौरान कन्या पूजन का खास महत्व है। लोग मानते हैं कि छोटी कन्याएं माता दुर्गा का रूप होती हैं। अष्टमी और नवमी को कन्या पूजन होता है, जिसमें कन्याओं की पूजा कर उन्हें खाना खिलाया जाता है। ज्योतिषी कहते हैं कि इससे नौ ग्रह खुश होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है। लाखों लोग इस पूजा की तैयारी में जुटे हैं।

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कन्या पूजन का महत्व

नवरात्रि में कन्या पूजन को बहुत पवित्र माना जाता है। लोग मानते हैं कि 2 से 10 साल की कन्याएं माता दुर्गा के नौ रूपों का प्रतीक हैं। उनकी पूजा करने से माता की कृपा मिलती है। यह पूजा धार्मिक होने के साथ-साथ जीवन में अच्छी ऊर्जा, धन और इज्जत लाती है। भक्त इस पूजा के जरिए माता से दुआ मांगते हैं कि उनके जीवन की परेशानियां दूर हों। यह रिवाज सदियों से चला आ रहा है और आज भी उतना ही खास है।

नवग्रहों से कनेक्शन

ज्योतिष के अनुसार, कन्या पूजन का हर काम नौ ग्रहों से जुड़ा है। कन्याओं के पैर पानी से धोने से चंद्रमा मजबूत होता है। पूरी बनाना बुध ग्रह को खुश करता है। आटे का हलवा सूर्य को प्रसन्न करता है। काले चने शनि ग्रह से जुड़े हैं। कन्याओं को मौली बांधने से मंगल ग्रह खुश होता है। जौ देना राहु को शांत करता है। चुड़ियां बुध ग्रह और बिंदी-पैसे शुक्र ग्रह से जुड़े हैं। कन्याओं के पैर छूने से केतु की स्थिति बेहतर होती है।

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कन्या पूजन की तारीखें

नवरात्रि की अष्टमी, यानी 30 सितंबर 2025 को कन्या पूजन का खास दिन है। इस दिन सुबह 5:01 से 6:13 तक संध्या मुहूर्त और 11:47 से 12:35 तक अभिजीत मुहूर्त में पूजा करना शुभ है। कई लोग नवमी, यानी 1 अक्टूबर 2025 को भी यह पूजा करते हैं। इस दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा होती है, जो नवरात्रि का आखिरी दिन है। ये दोनों दिन भक्तों के लिए बहुत खास हैं।

पूजा करने का तरीका

कन्या पूजन में 2 से 10 साल की नौ कन्याओं को घर बुलाया जाता है। उनके पैर पानी से धोए जाते हैं। माथे पर बिंदी लगाई जाती है और मौली बांधी जाती है। फिर उन्हें पूरी, हलवा, काले चने और फल खिलाए जाते हैं। कन्याओं को नए कपड़े, चुड़ियां और थोड़े पैसे भी दिए जाते हैं। लोग मानते हैं कि यह पूजा माता को खुश करती है और घर में सुख-शांति लाती है। इस रिवाज को पूरे दिल से निभाया जाता है।

ग्रहों को मजबूत करने का मौका

ज्योतिषी कहते हैं कि सही तरीके से कन्या पूजन करने से नौ ग्रह सक्रिय होते हैं। यह पूजा माता दुर्गा की कृपा दिलाती है और ग्रहों की खराब स्थिति को ठीक करती है। कन्याओं को प्यार और सम्मान देने से जीवन की मुश्किलें कम होती हैं। इस नवरात्रि में लाखों लोग इस पूजा को करने की तैयारी कर रहे हैं। यह रिवाज धार्मिक और सामाजिक दोनों रूपों में खास है।

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