अमेरिका हमेशा अपने राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहा है। जमीन से लेकर आसमान तक हर स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है। लेकिन उन परिस्थितियों के लिए जिनका कोई अंदेशा नहीं लगाया जा सकता, अमेरिका ने ‘डूम्सडे प्लेन’ तैयार किया है। यह कोई साधारण विमान नहीं है, बल्कि एक चलता-फिरता ‘फ्लाइंग पेंटागन’ है। इसे खासतौर पर किसी परमाणु या बड़े हमले की स्थिति में राष्ट्रपति और उच्च सैन्य अधिकारियों की सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। यह विमान हमेशा तैयार रहता है और 24 घंटे अलर्ट पर रहता है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत उड़ान भर सके। इसके माध्यम से अमेरिका अपनी ताकत और तैयारी दोनों दिखाता है।
कोल्ड वॉर से लेकर 9/11 तक की कहानी
‘डूम्सडे प्लेन’ का इतिहास शीत युद्ध (Cold War) से जुड़ा है। उस समय अमेरिका और सोवियत संघ के बीच परमाणु युद्ध का खतरा इतना गंभीर था कि किसी भी समय हमला हो सकता था। इस स्थिति से निपटने के लिए ‘लुकिंग ग्लास प्रोग्राम’ के तहत Boeing 747-200B आधारित E-4B विमान तैयार किया गया। इस विमान का उद्देश्य था यदि जमीन पर हमला हो जाए, तो हवा में ही बैठकर जवाबी कार्रवाई करना और नियंत्रण बनाए रखना। सोवियत संघ के विघटन के बाद 24/7 मिशन तो बंद हो गया, लेकिन आज भी चार E-4B विमान हमेशा तैयार रहते हैं। 9/11 के हमलों के दौरान तीन E-4B प्लेन उड़ान भरकर राष्ट्रपति को सुरक्षित एस्कॉर्ट करने में इस्तेमाल हुए थे।
आसमान में बना ‘चलता-फिरता व्हाइट हाउस’
E-4B को “उड़ता हुआ व्हाइट हाउस” कहना गलत नहीं होगा। इस बड़े विमान में तीन डेक हैं, जिनमें कमांड सेंटर, कॉन्फ्रेंस रूम, ब्रीफिंग एरिया और कम्युनिकेशन जोन शामिल हैं। इसमें 112 लोगों का क्रू होता है, जिसमें पायलट, इंजीनियर, एक्सपर्ट्स और सुरक्षा कर्मी शामिल हैं। मिड-एयर रिफ्यूलिंग की सुविधा के कारण यह कई दिनों तक बिना लैंड किए हवा में रह सकता है। विमान में 18 बंक हैं जहां क्रू आराम कर सकते हैं। EMP (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स) और न्यूक्लियर ब्लास्ट से सुरक्षा के लिए इसमें विशेष शील्डिंग और थर्मल प्रोटेक्शन है। यही कारण है कि यह प्लेन किसी भी आधुनिक या परमाणु हमले के दौरान भी काम करता रहता है।
अमेरिका की ताकत का प्रतीक है ये विमान
इस विमान की उड़ान बेहद महंगी है, हर घंटे लगभग 1.6 लाख डॉलर का खर्च आता है। इसके बावजूद अमेरिका इसे हमेशा तैयार रखता है क्योंकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का एक अहम हिस्सा है। दुनिया के किसी भी हिस्से से यह 67 सैटेलाइट एंटेना की मदद से कनेक्ट रह सकता है और जरूरत पड़ने पर मिसाइल लॉन्च के आदेश भी भेज सकता है। Reddit और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर इसे “सबसे महंगी लेकिन सबसे जरूरी विमान” कहा जाता है। यह सिर्फ एक प्लेन नहीं, बल्कि अमेरिका की तैयारी और ताकत का प्रतीक है, जो दिखाता है कि चाहे दुनिया में तबाही ही क्यों न हो, अमेरिका अपनी कमान कभी नहीं खोएगा।
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