आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने 2010 में कोच्चि टस्कर्स फ्रेंचाइजी से जुड़े विवाद को लेकर बड़ा दावा किया है। न्यूज़ एजेंसी ANI के साथ हुए हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जब उन्होंने कोच्चि टीम की मालिकाना संरचना और उसमें कथित रूप से जुड़े हितों पर सवाल उठाए, तब उन्हें राजनीतिक और संस्थागत दबाव का सामना करना पड़ा। मोदी के अनुसार, उस समय की यूपीए सरकार से जुड़े कई प्रभावशाली लोग तत्कालीन केंद्रीय मंत्री शशि थरूर के समर्थन में सक्रिय हो गए थे, जिसके बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। हालांकि, ये दावे ललित मोदी के व्यक्तिगत आरोप हैं और इन पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं रही हैं।
लित मोदी ने लगाए राजनीतिक दबाव के आरोप
ललित मोदी ने दावा किया कि कोच्चि टस्कर्स विवाद के दौरान तत्कालीन सत्ता प्रतिष्ठान के कई बड़े नेता शशि थरूर के समर्थन में सक्रिय थे। उनके अनुसार, उस समय उन्हें विभिन्न वरिष्ठ नेताओं की ओर से लगातार संपर्क किया जाता था और मामले को अलग तरीके से संभालने के लिए दबाव बनाया जाता था। मोदी ने कहा कि विवाद सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके खिलाफ माहौल तैयार किया गया और उन्हें निशाने पर लिया गया। हालांकि, ये आरोप ललित मोदी के व्यक्तिगत दावे हैं, जिन पर संबंधित नेताओं की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं रही हैं
#WATCH | On the 2010 IPL Kochi scandal, IPL founder and first chairman Lalit Modi says, "Sonia Gandhi was backing Shashi Tharoor. I got calls from Ahmed Patel and Pranab Mukherjee in those days. You had that p@** Rajeev Shukla coming up to me and say 'Chalo Ahmed Patel aa raha… pic.twitter.com/eYX8zIXu4h
— ANI (@ANI) June 4, 2026
कोच्चि फ्रेंचाइजी पर उठाए सवाल
ललित मोदी ने कहा कि कोच्चि आईपीएल टीम की बोली और उसके स्वामित्व ढांचे को लेकर उन्हें शुरुआत से ही गंभीर आपत्तियां थीं। उनके अनुसार, फ्रेंचाइजी हासिल करने के लिए बड़ी रकम की बोली लगाई गई थी, लेकिन उससे जुड़े वित्तीय और शेयरहोल्डिंग विवरण कई सवाल खड़े कर रहे थे। मोदी का दावा है कि जब उन्होंने मालिकाना हिस्सेदारी और उससे जुड़े लाभार्थियों की पहचान पर स्पष्टता मांगी तथा अंतिम मंजूरी देने से इनकार किया, तब मामला और विवादित हो गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसी दौरान तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने उनसे संपर्क किया था। हालांकि, ये आरोप ललित मोदी के दावे हैं और इस मामले पर पहले भी अलग-अलग पक्ष अपनी-अपनी सफाई दे चुके हैं।
थरूर के फोन कॉल को लेकर बड़ा दावा
ललित मोदी ने इंटरव्यू में दावा किया कि कोच्चि फ्रेंचाइजी विवाद के दौरान उनकी तत्कालीन केंद्रीय मंत्री शशि थरूर से बातचीत हुई थी। मोदी के अनुसार, उस बातचीत में उनसे सुनंदा पुष्कर की भूमिका को लेकर सवाल न उठाने के लिए कहा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने मामले में अधिक जानकारी मांगने की कोशिश की, तो उनके घर पर छापा मरवाने की धमकी भी दी गई। हालांकि, यह ललित मोदी का पक्ष है और इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।
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