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इस साल दिवाली पर देश में 6 लाख करोड़ का रिकॉर्ड व्यापार, अकेले मुंबई में 70,000 करोड़ का कारोबार

दिवाली 2025 में देश की अर्थव्यवस्था ने नया उत्साह दिखाया। 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ, जिसमें मुंबई ने 70 हजार करोड़ रुपये का बड़ा योगदान दिया। स्वदेशी वस्तुओं और सेवा क्षेत्र में भी जबरदस्त वृद्धि हुई।

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इस साल की दिवाली भारत के व्यापार में एक खास जगह बना गई है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में दिवाली के समय 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यापार हुआ। इसमें 5.40 लाख करोड़ रुपये का व्यापार सामान की बिक्री का था और 65 हजार करोड़ रुपये सेवा क्षेत्र का था। यह पिछले साल से 25% ज्यादा है और जो 5 लाख करोड़ रुपये की उम्मीद थी, उससे भी ज्यादा है। इस बढ़ोतरी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है। साथ ही, यह दिखाता है कि लोगों का खुदरा बाजार में विश्वास फिर से बढ़ा है। इस दिवाली की बड़ी बिक्री ने व्यापार को नई ऊर्जा दी है और देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। कुल मिलाकर, यह त्योहारी सीजन भारतीय व्यापार के लिए बहुत सफल रहा है।

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मुंबई बना त्योहारी कारोबार का केंद्र

इस बार मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) ने दिवाली पर 70,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यापार किया। सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, मिठाई और उपहार की बिक्री में खास बढ़ोतरी देखी गई। व्यापारियों का कहना है कि इस साल ग्राहकों का मन बहुत अच्छा रहा। नवरात्रि से पहले जीएसटी दरों में कटौती, जरूरी सामान की कीमतें स्थिर रहना और अच्छा मानसून आने से बाजार में उत्साह बना रहा। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि दिवाली के दौरान बाजार में आने वाले लोगों की संख्या पिछले साल से करीब 30% ज्यादा रही। इससे बाजार में खुशी और त्योहार का माहौल बना रहा। कुल मिलाकर, मुंबई के बाजारों में इस दिवाली काफी अच्छा कारोबार हुआ और लोगों ने खूब खरीदारी की।

स्वदेशी वस्तुओं की धूम, विदेशी उत्पादों की मांग घटी

दिवाली 2025 की सबसे बड़ी खासियत रही भारतीय उत्पादों की बढ़ती मांग। CAIT के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल के मुताबिक, इस साल 87% लोगों ने विदेशी सामान की बजाय ‘मेड इन इंडिया’ चीजें खरीदीं। चाइनीज सामान की बिक्री में भारी गिरावट आई, जबकि भारतीय उत्पादकों की बिक्री 25% बढ़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” और “स्वदेशी दिवाली” के संदेश ने लोगों के दिलों में गहरी जगह बनाई है। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को काफी मदद मिली है और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई ताकत मिली है। लोगों ने इस बार दिवाली पर ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी वस्तुएं खरीदकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है। यह दिवाली भारतीय उत्पादों के लिए एक बड़ी सफलता साबित हुई है।

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सेवा क्षेत्र में भी बंपर बढ़त

दिवाली सीजन में सिर्फ सामान की बिक्री ही नहीं, बल्कि सेवा क्षेत्र ने भी खूब अच्छा प्रदर्शन किया। इस क्षेत्र में 65,000 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ। ट्रैवल, हॉस्पिटेलिटी, टैक्सी, पैकेजिंग, इवेंट मैनेजमेंट, सजावट और डिलीवरी जैसी सेवाओं में बढ़ोतरी हुई। त्योहारों के दौरान ज्यादा यात्राओं और कार्यक्रमों के कारण लाखों लोगों को अस्थायी रोजगार भी मिला। भारत की त्योहारी अर्थव्यवस्था अब केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवाओं के माध्यम से भी मजबूत हो रही है। इससे देश की आर्थिक स्थिति और बेहतर हो रही है।

Keywords: Diwali 2025, Indian Economy, Festive Sales, Mumbai Trade, CAIT Report, Vocal For Local, Swadeshi Products

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