Unique Temples in India: जब हम मंदिरों की बात करते हैं तो हमारे दिमाग में भगवान की मूर्ति वाला मंदिर ही आता है। लेकिन क्या आपने कभी ऐसा सुना है कि भारत में कुछ मंदिरों में भगवान की जगह इंसानों की मूर्तियां लगी हों? जी हां, ऐसे कई मंदिर हैं जहां भगवान की बजाय नेता या अभिनेता की मूर्ति स्थापित की गई है। ये मंदिर दर्शाते हैं कि लोग अपने पसंदीदा नेता या सेलिब्रिटी को भी भगवान की तरह मानते हैं और उनकी पूजा करते हैं। आज हम ऐसे ही अनोखे मंदिरों के बारे में जानेंगे, जहां भगवान नहीं बल्कि इंसान की पूजा होती है।
1) रजनीकांत का मंदिर- मदुराई, तमिलनाडु
रजनीकांत सिर्फ एक सुपरस्टार नहीं, बल्कि उनके फैंस के लिए एक भगवान समान हैं। तमिलनाडु के मदुराई में उनके एक बड़े फैन कार्तिक ने अपने घर के एक हिस्से को रजनीकांत के मंदिर में बदल दिया है। इस मंदिर में थलाइवा की लगभग 250 किलोग्राम की मूर्ति स्थापित की गई है। यहां हर साल उनके जन्मदिन पर रजनी चतुर्थी नामक खास उत्सव मनाया जाता है। इस दिन उनके सम्मान में आठ अलग-अलग वस्तुओं से अभिषेक किया जाता है, जिसमें दूध, जल, फूल, धूप, अगरबत्ती, हल्दी, चंदन और सिंदूर शामिल होते हैं। कार्तिक रजनीकांत के इतने बड़े प्रशंसक हैं कि वे सिर्फ उनकी ही फिल्में देखते हैं और किसी और अभिनेता को फॉलो नहीं करते। रजनीकांत के फैंस बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ इस आयोजन में भाग लेते हैं। यहां लोग रजनीकांत की पूजा वैसे ही करते हैं जैसे पारंपरिक मंदिर में भगवान की होती है।
2) अमिताभ बच्चन का मंदिर – कोलकाता, पश्चिम बंगाल
आपने बहुत से भगवानों के मंदिर देखे होंगे, लेकिन कोलकाता में एक ऐसा मंदिर है जो बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन को समर्पित है। यह मंदिर श्रीधर राय रोड पर स्थित है और इसे बिग बी के जबरदस्त फैन संजय पटौदिया ने साल 2001 में बनवाया था। यहां हर दिन एक खास 79 लाइनों की ‘अमिताभ चालीसा’ पढ़ी जाती है और 6 मिनट की फिल्मी आरती गाकर उनकी पूजा की जाती है। इतना ही नहीं, पूजा के दौरान उनकी तस्वीर के साथ ‘अग्निपथ के सफेद जूते’ और ‘अक्स’ फिल्म की कुर्सी की भी पूजा होती है, जिन्हें खुद अमिताभ ने संजय को उपहार में भेजा था। इस मंदिर में हर साल दो बार ‘अमिताभ तीर्थ यात्रा’ निकाली जाती है, एक बार उनके जन्मदिन 11 अक्टूबर को और दूसरी बार 2 अगस्त को, जब वे ‘कुली’ फिल्म के हादसे से ठीक होकर लौटे थे। दीया मिर्जा जैसी हस्तियां भी इस मंदिर में दर्शन कर चुकी हैं। हालांकि, खुद बिग बी ने कहा, “मुझे इंसान ही रहने दो, भगवान मत बनाओ।”
3) गांधी मंदिर – संबलपुर, ओड़िशा
भारत में मंदिरों को आमतौर पर देवी-देवताओं के लिए जाना जाता है, लेकिन ओडिशा के संबलपुर जिले के भटारा गांव में स्थित गांधी मंदिर इस परंपरा से बिल्कुल अलग है। यह मंदिर महात्मा गांधी को समर्पित है और भारत का पहला मंदिर है जहां बापू की पूजा की जाती है। इसकी स्थापना का उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि देना नहीं था, बल्कि यह छुआछूत के खिलाफ एक सामाजिक आंदोलन का प्रतीक भी बना। 1960 के दशक में जब संबलपुर में छुआछूत चरम पर था, तब ग्रामीणों ने मिलकर इस बुराई को खत्म करने के लिए एक अनोखा कदम उठाया और गांधी मंदिर बनाने का फैसला किया। 23 मार्च 1971 को इसकी नींव रखी गई और 11 अप्रैल 1974 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नंदिनी सत्पथी ने इसका उद्घाटन किया।
मंदिर में 3.5 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा है और इसमें पूजा दलित पुजारी द्वारा की जाती है, यह अपने आप में सामाजिक समरसता का एक अद्भुत उदाहरण है। प्रतिदिन राम धुन और भगवद गीता का पाठ होता है और तिरंगा मंदिर के शिखर पर फहराया जाता है। गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती जैसे राष्ट्रीय पर्व यहां खास श्रद्धा के साथ मनाए जाते हैं। मंदिर राष्ट्रीय राजमार्ग 53 से सिर्फ 500 मीटर, झारसुगुड़ा हवाई अड्डे से 61 किमी और निकटतम रेलवे स्टेशन से 10 किमी दूर स्थित है।
4) सोनिया गांधी का मंदिर – तेलंगाना
राजनीति में ऐसे बहुत कम मौके आते हैं जब किसी नेता को भगवान की तरह पूजा जाता है। लेकिन तेलंगाना राज्य में ऐसा सचमुच हुआ है, जहां सोनिया गांधी को ‘तेलंगाना की मां’ मानकर उनके सम्मान में दो मंदिर बनाए गए हैं। यह मंदिर सोनिया गांधी के उस ऐतिहासिक फैसले को समर्पित हैं, जिसमें उन्होंने आंध्र प्रदेश को विभाजित कर 2014 में तेलंगाना राज्य का निर्माण कराया। पहला मंदिर करीमनगर जिले के मल्लियाल शहर में बनाया गया है। इस मंदिर में सोनिया गांधी की सफेद संगमरमर की प्रतिमा स्थापित है, जिसे खासतौर पर राजस्थान से मंगवाया गया था। मंदिर की दीवारों पर गांधी परिवार के अन्य नेताओं की भी तस्वीरें लगी हैं, जैसे इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और राहुल गांधी। इसका उद्घाटन जगतियाल के विधायक टी. जीवन रेड्डी और अन्य कांग्रेस नेताओं ने किया था। यह मंदिर सोनिया गांधी के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रतीक है।
दूसरा मंदिर महबूबनगर जिले में स्थित है, जिसे पूर्व मंत्री पी. शंकर राव ने बनवाया। यहां सोनिया गांधी की 9 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसमें उन्हें एक भारतीय देवी के रूप में दर्शाया गया है, एक हाथ में कमल और दूसरे में धन से भरी थाली लिए हुए। यह मूर्ति एक राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मूर्तिकार द्वारा बनाई गई है और इसका वजन लगभग 500 किलोग्राम है। यह मंदिर 9 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है और पूरी तरह से सोनिया गांधी को धन्यवाद देने के उद्देश्य से बनाया गया है। तेलंगाना के नेता और आम लोग मानते हैं कि सोनिया गांधी की पहल के बिना तेलंगाना राज्य संभव नहीं होता। यही कारण है कि उन्होंने एक राजनीतिक नेता को मां का दर्जा देकर मंदिर बनवाया और वहां पूजा-अर्चना भी की जाती है।
5) नरेंद्र मोदी का मंदिर – राजकोट, गुजरात
गुजरात के राजकोट के कोठारिया गांव में पीएम नरेंद्र मोदी के प्रशंसकों ने एक अनोखा मंदिर बनाया था। यह मंदिर अहमदाबाद से लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित था और इसे तैयार करने में लगभग चार साल लगे। इस मंदिर का कुल खर्च लगभग सात लाख रुपए था, जिसमें मोदी की मूर्ति बनाने में 1 लाख 60 हजार रुपए खर्च हुए थे। ओडिशा के कलाकारों ने मोदी की मूर्ति बनाई थी, जो बहुत ही सटीक और वास्तविक लगती थी। मंदिर में रोज सुबह-शाम नियमित रूप से मोदी की आरती और पूजा होती थी, और आसपास के गांवों के लोग भी श्रद्धा से वहां आते थे। यह मंदिर पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गया था। लेकिन कुछ समय बाद पीएम मोदी को यह मंदिर पसंद नहीं आया। उन्होंने इसे भारतीय परंपरा के खिलाफ बताया। इसके बाद मंदिर से उनकी मूर्ति हटा दी गई और उसकी जगह भारत माता की मूर्ति स्थापित कर दी गई।
Keywords: Unique Temples In India, Celebrity Temples In India, Fan Devotion In India, Temples Dedicated To Humans

