भारत बहुत तेजी से दुनिया की एक बड़ी शक्ति बन रहा है। अनुमान है कि 2027 तक भारत, जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। भारत की यह बढ़ती ताकत पड़ोसी देश चीन को बहुत परेशान कर रही है। चीन अब भारत को घेरने के लिए एक नई और बड़ी योजना बना रहा है। जैसे अमेरिका, इज़रायल को हमेशा समर्थन देता है, ठीक वैसे ही चीन भी पाकिस्तान को अपना ‘इज़रायल’ बनाने में लगा हुआ है। इतना ही नहीं, चीन अब बांग्लादेश को भी मजबूत हथियार देकर भारत को उलझाने की कोशिश कर रहा है।
चीन क्यों दे रहा पाकिस्तान को हथियारों का खजाना?
चीन, पाकिस्तान को अपना सबसे मजबूत दोस्त बना रहा है ताकि भारत को चुनौती दी जा सके। साल 2020 से 2024 के बीच पाकिस्तान के 81 प्रतिशत हथियार चीन से आए हैं। हाल ही में, मई 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तानी सेना ने चीन से मिले कई बड़े हथियार इस्तेमाल किए। इनमें चीनी जे-10सी जेट, जेएफ-17 विमान, पीएल-15 मिसाइल और एचक्यू-9 और एचक्यू-16 एयर डिफेंस सिस्टम शामिल थे। पाकिस्तानी सेना ने ड्रोन का भी उपयोग किया था। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने इन सभी चीनी हथियारों की हवा निकाल दी और पाकिस्तान को करारा जवाब दिया।
हार मिलने के बाद भी चीन रुका नहीं है। वह पाकिस्तान को और ज्यादा ताकतवर बना रहा है। चीन अपनी बेईदो सैटेलाइट से पाकिस्तान की सेना की मदद कर रहा है। दोनों देश लगातार मिलकर बड़े सैन्य अभ्यास कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, चीन संयुक्त राष्ट्र में हमेशा पाकिस्तान को राजनयिक समर्थन देता है। इसके अलावा, चीन बड़े कर्ज और पैसों की मदद से पाकिस्तान की डूबती अर्थव्यवस्था को भी बचाए रखने में लगा हुआ है।
बांग्लादेश को भी मिल रहे हैं चीनी हथियार, क्या है मकसद?
चीन की रणनीति में अब बांग्लादेश भी शामिल हो गया है। चीन उसे भी बड़े हथियार दे रहा है ताकि वह भारत के लिए परेशानी खड़ी कर सके। हाल ही में, चीन ने बांग्लादेश के साथ 2.2 अरब डॉलर की एक बड़ी डील की है। इस डील में 20 जे-10सीई फाइटर जेट शामिल हैं। ये वही जेट हैं जो ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान ने इस्तेमाल किए थे। ये सभी जेट बांग्लादेश को 2026-2027 में मिलेंगे, जिससे उसकी वायुसेना मजबूत हो जाएगी। चीन की चाल साफ है, वह भारत को पूर्वी सीमा पर भी उलझाना चाहता है। बांग्लादेश को हथियार देकर चीन एक साथ भारत के लिए दोहरी मुश्किल खड़ी कर रहा है।
भारत के लिए क्या है यह बड़ी चुनौती?
चीन की यह पूरी चाल भारत को बिना कोई बड़ा युद्ध किए कमजोर करने की है। चीन पाकिस्तान और बांग्लादेश को हथियार देकर चाहता है कि भारत हमेशा दक्षिण एशिया के मामलों में ही व्यस्त रहे। इसके साथ ही, चीन एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) पर अपनी सैन्य तैनाती लगातार बढ़ाकर भारतीय सेना को थकाना चाहता है। चीन को इस बात का भी डर है कि अगर वह सीधा युद्ध करता है तो दुनिया में उसकी अच्छी छवि खराब होगी। इसलिए, चीन पाकिस्तान को अपना हथियार बनाकर अपने नए-नए हथियारों का परीक्षण कर रहा है। अगर ये हथियार सफल होते हैं तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनकी मांग बढ़ जाएगी, जिससे चीन को फायदा होगा। भारत के लिए अब यह एक बड़ी चुनौती है कि उसे एक साथ दो मोर्चों—पाकिस्तान और बांग्लादेश—पर अपनी नज़र मजबूत रखनी होगी। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर ने यह साफ कर दिया है कि भारत की ताकत कम नहीं है और वह अपनी स्वदेशी हथियार और मजबूत रणनीति से हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम है।
Keywords: China-Pakistan Alliance, India Geopolitics, Bangladesh Arms Deal, South Asia Strategy, Operation Sindoor

