अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 22वें दिन भी युद्ध जारी है। एक तरफ दो देश हैं और दूसरी तरफ अकेला ईरान, लेकिन कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। ईरान उन देशों को भी निशाना बना रहा है, जो इजरायल और अमेरिका का समर्थन कर रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि फिलहाल इस संघर्ष के थमने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है कि इजरायल और अमेरिका ने मिलकर नतांज न्यूक्लियर प्लांट पर भीषण बमबारी की है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बयान जारी कर कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुश्मन देशों के लिए बंद ही रहेगा और इसे खोला नहीं जाएगा।
ऐसे समझें
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने ब्रिटेन के नियंत्रण वाले डिएगो गार्सिया में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने की कोशिश की है।
- विश्लेषकों का मानना है कि इस हमले में ईरान की खोर्रमशहर-4 बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।
- यह एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 4,000 किलोमीटर से अधिक बताई जाती है।
- विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी दूरी तय करने वाली यह मिसाइल दूर-दराज के रणनीतिक ठिकानों को भी निशाना बनाने में सक्षम है।
- खोर्रमशहर-4 मिसाइल की खासियत यह है कि यह एक साथ कई तरह के वारहेड, जिनमें क्लस्टर म्यूनिशन भी शामिल हो सकते हैं, ले जाने में सक्षम मानी जाती है।
- इस तरह की क्षमता इसे पारंपरिक मिसाइलों की तुलना में ज्यादा खतरनाक बनाती है।
- विश्लेषकों का कहना है कि इस रेंज के साथ ईरान यूरोप के बड़े हिस्से, खासकर फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम तक, संभावित रूप से निशाना बना सकता है।
पूरी दुनिया की सांसें थमीं
अमेरिका और इजरायल के इस घातक हमले के बाद पूरी दुनिया सन्न है। अब सभी की नजरें इस अटैक के बाद संभावित रेडियोएक्टिव लीक के खतरे पर टिकी हैं। यदि ऐसा होता है, तो इसका असर पूरे विश्व पर पड़ सकता है।
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