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पाकिस्तान फिर से उत्तर कोरिया में अपना दूतावास खोलने की सोच रहा है

पाकिस्तान उत्तर कोरिया के साथ अपने राजनयिक रिश्ते फिर से बनाने की ओर बढ़ रहा है, यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है जब परमाणु परीक्षण को लेकर अमेरिका ने बड़ा दावा किया है।

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पाकिस्तान अब उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में अपना दूतावास दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। यह दूतावास कोरोना महामारी के समय से ही बंद पड़ा था। इस्लामाबाद को इस बारे में उत्तर कोरिया से एक औपचारिक संदेश भी मिल चुका है, जिस पर अभी बहुत गंभीरता से विचार किया जा रहा है। यह बात ऐसे समय पर सामने आई है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान पर परमाणु हथियारों के चोरी छिपे परीक्षण करने का बड़ा दावा किया है। इन दोनों घटनाओं के एक साथ होने से एशिया में परमाणु प्रसार के पुराने नेटवर्क के फिर से सक्रिय होने का डर बढ़ गया है, जिसने भारत और बाकी दुनिया की चिंता को और बढ़ा दिया है।

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परमाणु परीक्षण और मजबूत होते रिश्ते

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि चीन, रूस, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान जैसे देश परमाणु हथियारों का गुप्त रूप से परीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि इन देशों की गतिविधियों के कारण अमेरिका को भी तीन दशक बाद अपने परीक्षण शुरू करने पर विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसी समय पाकिस्तान उत्तर कोरिया के साथ अपने राजनयिक रिश्ते मजबूत करने की ओर बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच पहले भी मिसाइल और परमाणु तकनीक के आदान प्रदान की बातें सामने आ चुकी हैं। अमेरिका और भारत जैसे देश हमेशा से इन रिश्तों को खतरनाक मानते रहे हैं क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र में हथियारों की होड़ बढ़ सकती है और शांति को नुकसान पहुँच सकता है।

भारत की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

भारत ने साल 2017 में उत्तर कोरिया के नेटवर्क की पूरी जांच करने की मांग की थी और 2022 में संयुक्त राष्ट्र को साफ चेतावनी दी थी। भारत ने कहा था कि हमारे इलाके में उत्तर कोरिया की परमाणु और मिसाइल गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। यह सीधे सीधे भारत की सुरक्षा को प्रभावित करती है। इसी वजह से पाकिस्तान का यह कदम भारत के लिए एक नई मुश्किल पैदा कर सकता है। भारत नहीं चाहता कि उत्तर कोरिया की नई और बड़ी मारक क्षमता वाली मिसाइलें किसी भी तरह से पाकिस्तान के सैन्य जखीरे में शामिल हो जाएं।

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प्रतिबंधों के बीच क्या कहा गया संसद में

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने संसद में लिखित जवाब देकर बताया कि उत्तर कोरिया पर लगे कई बड़े प्रतिबंधों की वजह से दोनों देशों के बीच व्यापार तो लगभग खत्म सा हो गया है। मगर शांतिपूर्ण तरीके से कोरियाई प्रायद्वीप की एकता का समर्थन वे हमेशा करते रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि दूतावास खोलने का प्रस्ताव अभी सिर्फ विचार के चरण में है और इस पर कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है। अगर प्योंगयांग में पाकिस्तान का दूतावास खुल जाता है तो यह दुनिया के सबसे अलग थलग पड़े देशों में से एक में इस्लामाबाद की चुपचाप वापसी होगी।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर बड़ा असर

दोनों देशों के बीच इन संदेशों के आदान प्रदान और विचार विमर्श से साफ पता चलता है कि बंद दरवाजों के पीछे राजनयिक हलचल बहुत तेज हो गई है। यह पूरी खबर दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गई है क्योंकि परमाणु हथियारों से जुड़े किसी भी कदम का असर सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहता है, बल्कि पूरे क्षेत्र की शांति पर पड़ता है। वैश्विक निगरानी एजेंसियां भी इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रही हैं क्योंकि छोटी सी चिंगारी बड़े खतरे को जन्म दे सकती है।

Keywords: Pakistan North Korea Embassy Reopening, India Security Concern North Korea, US Claim Pakistan Nuclear Testing

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