पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का शेखी बघारना अब उन पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। वो भी उनका बयान उस वक्त आया है, जब पाकिस्तान में ‘इस्लामाबाद वार्ता’ होने वाली है। दरअसल, ख्वाजा आसिफ ने पहले इजरायल के खिलाफ एक विवादित टिप्पणी की। इसमें उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इजरायल के खिलाफ विनाश का आह्वान किया था। जिसके बाद इजरायल ने उन्हें सीधे लताड़ना शुरू किया और कहा कि इस तरह का पोस्ट वो कैसे कर सकते हैं। इजरायल ने पाकिस्तान की उस भूमिका पर भी शक जताया, जो वह अमेरिका-ईरान के बीच “निष्पक्ष मध्यस्थ” के रूप में निभा रहा है।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान के बाद इजरायल के पीएम दफ्तर से इसकी कड़ी निंदा की गई। इसके बाद ख्वाजा आसिफ को अपना मैसेज सोशल मीडिया पोस्ट से डिलीट करना पड़ा। इजरायल ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह का बयान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, खासकर उनकी तरफ से जो खुद को शांति और निष्पक्ष मध्यस्थ बताते हैं।
जानें क्या कहा था ख्वाजा आसिफ ने इजरायल के लिए…
“इज़राइल मानवता के लिए बुराई और एक अभिशाप है। जब इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है, तब लेबनान में नरसंहार किया जा रहा है। निर्दोष नागरिकों को इज़राइल द्वारा मारा जा रहा है। पहले गाज़ा, फिर ईरान और अब लेबनान—यह खून-खराबा लगातार जारी है। मैं आशा और प्रार्थना करता हूँ कि जिन लोगों ने फ़िलिस्तीनी ज़मीन पर इस ‘कैंसर जैसे राज्य’ को बनाया है, वे यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पा लें और वे नर्क में जलें।”
इजरायल का पलटवार
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ द्वारा इज़राइल के विनाश की कथित अपील बेहद चौंकाने वाली और निंदनीय है। यह ऐसा बयान नहीं है जिसे किसी भी सरकार से स्वीकार किया जा सके—खासकर उस सरकार से, जो खुद को शांति का निष्पक्ष मध्यस्थ बताती है। इस तरह की भाषा न केवल तनाव को बढ़ाती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और कूटनीतिक प्रयासों को भी कमजोर करती है।
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