ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान एक अहम कूटनीतिक केंद्र बनता नजर आ रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि उनका प्रतिनिधिमंडल आधिकारिक दौरे पर इस्लामाबाद पहुंच चुका है। इस दौरान विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर क्षेत्र में जारी तनाव को कम करने और शांति बहाली के प्रयासों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने साफ किया कि फिलहाल ईरान और अमेरिका के बीच किसी प्रत्यक्ष बैठक की योजना नहीं है, लेकिन ईरान अपने रुख और सुझाव पाकिस्तान के साथ साझा करेगा।
वहीं, व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को दोबारा इस्लामाबाद भेजने का फैसला किया है। उनके मुताबिक, ईरान बातचीत के लिए इच्छुक है और सीधे संवाद चाहता है। अमेरिकी प्रतिनिधि ईरानी पक्ष की बात सुनने के लिए पाकिस्तान जाएंगे, और वॉशिंगटन को इस पहल से सकारात्मक नतीजों की उम्मीद है। जरूरत पड़ने पर उपराष्ट्रपति को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है।
यह कूटनीतिक गतिविधि ऐसे समय में हो रही है जब मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी दबाव बना है। इस संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।
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