अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्री खलीफा सिराजुद्दीन हक्कानी ने सोमवार को पाकिस्तान को दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर अफगानों के धैर्य और सहनशीलता की फिर से परीक्षा ली गई, तो उसकी प्रतिक्रिया बेहद विनाशकारी होगी।
हक्कानी ने कहा कि हमारे पास लंबी दूरी की मिसाइलें या भारी हथियार नहीं हैं, लेकिन हमारे संकल्प और इरादे मजबूत हैं। ज़मीनी डिफेंस हमारी प्राथमिकता है, मगर हम आपसी समझ के रास्ते के लिए भी तैयार हैं।
पाकिस्तान की समस्याओं को अफगानिस्तान से न जोड़ें
एक रिपोर्ट के अनुसार, हक्कानी ने हाल ही में कतर और तुर्किए में हुई बैठकों का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान को अपनी आंतरिक समस्याओं के लिए अफगानिस्तान को दोष नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा, समस्या पाकिस्तान की है, समाधान भी उसके पास होना चाहिए। इसे अफगानिस्तान से जोड़ना गलत है।
सीमा पर बढ़ता तनाव
हाल ही में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर झड़पें हुई थीं। पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने अफगानिस्तान के काबुल, खोस्त, जलालाबाद और पक्तिका में एयरस्ट्राइक की और टीटीपी के ठिकानों को निशाना बनाया। इसके जवाब में तालिबान ने स्पिन बोल्दाक–चमन बॉर्डर पर भारी गोलीबारी की, जिसमें 23 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 29 घायल हुए।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में हक्कानी का यह बयान दोनों देशों के रिश्तों में और तल्खी ला सकता है।
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