उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चाइनीज मांझे के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में चाइनीज मांझे से हो रही लगातार दुर्घटनाओं और मौतों का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों को छापेमारी तेज करने के निर्देश दिए हैं और स्पष्ट किया है कि चाइनीज मांझे से होने वाली मौतों को हत्या के तौर पर माना जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर में व्यापक अभियान चलाने के साथ-साथ यह भी कहा कि राज्यव्यापी कार्रवाई की उच्च स्तर पर लगातार निगरानी और समीक्षा की जाएगी।
इसी बीच लखनऊ में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की चपेट में आकर 32 वर्षीय युवक शोएब की दर्दनाक मौत हो गई। पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव शोएब मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी हैदरगंज तिराहे के पास उड़ती पतंग का मांझा अचानक उनकी गर्दन में फंस गया। गंभीर रूप से घायल होकर वे सड़क पर गिर पड़े और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें तत्काल ट्रॉमा सेंटर लेकर गई, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
गौरतलब है कि चाइनीज मांझे पर अदालतों और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा चुका है, इसके बावजूद यह जानलेवा मांझा खुलेआम बाजारों में बिक रहा है। पतंगबाजी के दौरान दूसरों की पतंग काटने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे लगातार गंभीर हादसे सामने आ रहे हैं।
कानून के मुताबिक, चाइनीज मांझा बेचने या खरीदने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 15 के तहत पांच साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा बीएनएस की धारा 188 के तहत छह महीने तक की सजा का भी प्रावधान है। वहीं, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर पांच साल तक की कैद और 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
इतने लोग हो चुके हैं घायल
लखनऊ में चाइनीज मांझे से जुड़ी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पिछले साल मार्च में निशातगंज इलाके में मोहम्मद आमिर घायल हुए थे। इसके बाद 28 फरवरी 2025 को हुसैनगंज में गौरंग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। 23 फरवरी 2025 को शुभम और 21 फरवरी 2025 को रियान भी चाइनीज मांझे से घायल हुए। इससे पहले 14 नवंबर 2024 को गोमती नगर में लवकुश जख्मी हुए थे। वहीं 10 जून 2024 को ठाकुरगंज में स्कूटी सवार एक युवक घायल हुआ था। इसके अलावा 28 जुलाई 2024 को विधानसभा के सामने दिलीप और 25 अगस्त 2024 को मोहम्मद सैफ भी इस खतरनाक मांझे का शिकार बने थे।
Keywords: Chinese Manjha, Chinese Manjha Ban In UP, Yogi Adityanath, Chinese Manjha Death Case

