उत्तर प्रदेश: कानपुर अदालत की पांचवीं मंजिल से कूदने से पहले प्रशिक्षु वकील प्रियांशु श्रीवास्तव ने दो पन्नों का नोट छोड़ा। उसमें उन्होंने अपनी आखिरी इच्छा जताई कि इसे पूरा पढ़ा जाए। नोट में उन्होंने पारिवारिक तनाव, खासकर पिता के साथ रिश्तों में कड़वाहट और मानसिक दबाव का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि इन हालातों ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया और वे खुद को बेहद अकेला महसूस कर रहे थे। करीब 24 साल के प्रियांशु ने अपने नोट में लिखा कि उन्होंने 2025 में लॉ की पढ़ाई पूरी की थी। बचपन की एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि छोटी सी गलती पर मिली सख्त सजा और अपमान ने उनके मन पर गहरा असर छोड़ा। उन्होंने आगे लिखा कि पढ़ाई को लेकर दबाव और बार-बार शक की नजर से देखे जाने से वे लगातार मानसिक तनाव में रहे, जिसने उन्हें भीतर से कमजोर कर दिया।
बचपन से दबाव और अपमान का जिक्र
नोट में प्रियांशु ने लिखा कि परिवार में मिले लगातार दबाव और कठोर व्यवहार ने उनके मन पर गहरा असर डाला। पढ़ाई से जुड़े फैसलों में भी उन्हें अपनी पसंद के बजाय मजबूरी में विकल्प चुनने पड़े। कम अंक आने पर डांट-फटकार और सख्त रवैये का सामना करना पड़ता था। उन्होंने यह भी बताया कि छोटी-छोटी गलतियों को बार-बार सबके सामने उठाकर उन्हें शर्मिंदगी महसूस कराई जाती थी, जिससे उनका आत्मविश्वास धीरे-धीरे टूटता गया।
प्रियांशु ने अपने नोट में लिखा कि उन्होंने घर की जिम्मेदारियां निभाने की पूरी कोशिश की। ट्यूशन पढ़ाकर और ऑनलाइन काम करके परिवार की मदद की, यहां तक कि पिता के लिए मोबाइल और बहन के लिए फोन व स्कूटी भी दिलाई। इसके बावजूद उन्हें अक्सर आलोचना और तानों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि उनकी दिनचर्या और निजी जिंदगी में जरूरत से ज्यादा दखल दिया जाता था, जिससे वे लगातार दबाव और तनाव महसूस करते थे।
आखिरी नोट में भावनात्मक संदेश
नोट में प्रियांशु ने लिखा कि हाल ही में भी उन्हें सबके सामने अपमान का सामना करना पड़ा, जिससे वे बेहद आहत हुए। उन्होंने अपनी हालत को असहनीय बताते हुए जीने की इच्छा खत्म होने की बात कही। साथ ही लिखा कि किसी पर कोई कार्रवाई न की जाए। अंत में उन्होंने अपनी मां और बहन के लिए प्यार जताया और उन्हें संभलकर रहने की बात कही।
दबाव और तनाव ने छीनी जिंदगी
कानपुर के बर्रा क्षेत्र के रहने वाले 24 वर्षीय प्रशिक्षु वकील ने कोर्ट की पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि लंबे समय से पारिवारिक तनाव, सामाजिक दबाव और निजी परेशानियों से वे जूझ रहे थे। अपने लिखे नोट में उन्होंने पिता के साथ रिश्तों में खटास और गहरी नाराजगी का जिक्र किया, जो उनकी मानसिक स्थिति पर भारी पड़ा।
घटना से पहले स्टेटस पर छोड़ा नोट
कानपुर कचहरी में गुरुवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे प्रशिक्षु वकील प्रियांशु श्रीवास्तव ने पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि घटना से करीब तीन घंटे पहले घर में हुए विवाद के बाद उन्होंने दो पन्नों का नोट लिखकर व्हाट्सऐप स्टेटस पर साझा किया था।
नोट में उसने अदालत जाकर आत्महत्या करने का जिक्र किया था, जिसके बाद परिवार वाले उसे खोजने लगे। प्रियांशु ने हाल ही में कानून की पढ़ाई पूरी की थी और अपने पिता के साथ प्रैक्टिस सीख रहा था। घटना स्थल कचहरी की ऊपरी मंजिल का वह हिस्सा था, जहां आमतौर पर आवाजाही नहीं होती। ऊंचाई से गिरने की वजह से उसे गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
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