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‘अगर भगवान ने एक इच्छा दी तो…’, नवजोत सिंह सिद्धू ने विराट कोहली की टेस्ट क्रिकेट में वापसी के लिए मांगी दुआ

विराट कोहली की वनडे में शानदार फॉर्म ने टेस्ट क्रिकेट में वापसी की बहस को फिर से जागृत किया। नवजोत सिंह सिद्धू की अपील और कोहली के संन्यास फैसले ने इसे भावनात्मक बना दिया।

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जब विराट कोहली रन बनाते हैं, तब क्रिकेट सचमुच एक खेल से कहीं ज़्यादा हो जाता है, वो एक एहसास बन जाता है। हाल की वनडे सीरीज़ में कोहली ने जैसे बैटिंग की, उसी ने फिर से लोगों को याद दिला दिया कि वो अलग ही लेवल के खिलाड़ी हैं। शायद इसी से प्रेरित होकर नवजोत सिंह सिद्धू ने सोशल मीडिया पर दिल से लिखा कि अगर भगवान उन्हें कभी कोई वरदान दें, तो वो कोहली को फिर से टेस्ट क्रिकेट में देखना चाहेंगे।

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सिद्धू ने कहा, कोहली की फिटनेस आज भी 20 साल के खिलाड़ी जैसी है, और अगर वो दोबारा टेस्ट में उतरें तो करोड़ों फैंस को खुशी मिलेगी। ये बात सिर्फ सिद्धू की नहीं है, बहुत सारे लोग हैं जो कोहली को सफेद जर्सी में फिर से देखने का सपना देख रहे हैं।

कोहली के अचानक लिए गए संन्यास के पीछे की वजह

विराट ने इस साल की शुरुआत में अचानक टेस्ट क्रिकेट छोड़ने का फैसला लिया, और वो भी इंग्लैंड सीरीज़ के स्क्वॉड के एलान से ठीक पहले। सबको हैरानी हुई, क्योंकि टेस्ट क्रिकेट तो कोहली का सबसे पसंदीदा फॉर्मेट रहा है। असल में, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया के सामने उनका संघर्ष बड़ा कारण बना। पर्थ टेस्ट में शतक के बाद भी, वो बार-बार ऑफ स्टंप के बाहर की गेंदों पर चूक रहे थे। वही गलती, वही आउट इन सबने उनके कॉन्फिडेंस पर असर डाला। लंबे वक्त से चली आ रही तकनीकी परेशानियों और दिमागी थकान ने उन्हें आखिरकार ये मुश्किल फैसला लेने पर मजबूर कर दिया।

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वापसी की चर्चाएं पर कोहली का साफ जवाब

रांची वनडे में जब कोहली प्लेयर ऑफ द मैच बने, तभी से फिर से चर्चा शुरू हो गई कि क्या बीसीसीआई उन्हें मनाएगी टेस्ट में वापसी के लिए। लेकिन कोहली ने खुद ही इन सब पर ब्रेक लगा दिया। उन्होंने साफ कह दिया अब टेस्ट क्रिकेट में लौटने का उनका कोई इरादा नहीं है, पूरा फोकस वनडे पर ही रहेगा। इस बयान से समझ आता है कि अब कोहली अपने फैसलों में पूरी तरह स्पष्ट हैं। उनके लिए अब सिर्फ फॉर्म या रन नहीं, बल्कि दिमागी सुकून और लगातार अच्छा खेलना ज़्यादा मायने रखता है।

टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन पुरे नहीं कर सके किंग कोहली

एक वक्त था जब सबको लगता था कि कोहली 10,000 टेस्ट रन बड़ी आसानी से बना लेंगे। लेकिन 2020 के बाद उनका ग्राफ गिरा, और ये सपना वहीं रुक गया। 123 टेस्ट में 9,230 रन, 46.85 की औसत, 30 शतक, 31 फिफ्टी चाहे 10,000 से कम हों, फिर भी ये आंकड़े छोटी बात नहीं हैं। 254* का बेस्ट स्कोर, और एक आक्रामक, फिट और जुनूनी कप्तान के तौर पर उनका नाम हमेशा याद रखा जाएगा। हाल ही में दिल्ली के लिए विजय हज़ारे ट्रॉफी में 131 और 77 रन की पारियां भी ये बताती हैं कि कोहली का बल्ला अभी भी उतना ही चल रहा है, अब बस वो एक नई राह पर बढ़ गए हैं।

Keywords: Virat Kohli, Test Retirement, Navjot Singh Sidhu, ODI Form, Border Gavaskar Trophy

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