महिला वनडे विश्व कप 2025 का रोमांच अब अपने आखिरी मोड़ पर आ गया है, जहाँ भारत और साउथ अफ्रीका की टीमें 2 नवंबर रविवार को नवी मुंबई के डी वाई पाटिल स्टेडियम में टक्कर लेंगी। यह मैच सिर्फ नया चैंपियन नहीं बनाएगा बल्कि क्रिकेट पसंद करने वालों के दिल में एक नई याद भी देगा। दोनों ही टीमें आज तक यह खिताब नहीं जीत पाई हैं, इसलिए यह मुकाबला उनके लिए सपनों को पूरा करने का सुनहरा मौका है। ग्रुप मैचों से लेकर सेमीफाइनल तक खिलाड़ियों ने जो मेहनत की है, अब वह मैदान पर अपना सब कुछ लगा देंगी ताकि ट्रॉफी उनके हाथ में आ सके। यह एक ऐतिहासिक पल होगा, क्योंकि महिला विश्व कप को पहली बार कोई नया चैंपियन मिलने वाला है।
सेमीफाइनल की मुश्किल लड़ाई जीत कर आईं हैं दोनों टीमें
फाइनल तक पहुँचना इन दोनों के लिए आसान नहीं था, क्योंकि सेमीफाइनल में उन्हें बहुत मजबूत टीमों से लड़ना पड़ा। साउथ अफ्रीका को इंग्लैंड जैसी अनुभवी टीम से मुकाबला करना पड़ा, जिसने ग्रुप मैच में उन्हें हराया था, पर फिर भी प्रोटियाज टीम ने 125 रनों से शानदार जीत हासिल की। वहीं भारत के सामने सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया थी, जिसने पहले बैटिंग करते हुए 338 रन बना दिए थे। ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजों ने बहुत तेज पारी खेली, जिसमें फोएबे लिचफील्ड के 119 रन खास थे। इसके बावजूद, भारतीय टीम ने जेमिमाह रोड्रिग्स की नाबाद 127 रनों की शानदार पारी के दम पर 48।3 ओवर में टारगेट हासिल कर लिया और पाँच विकेट से जीत दर्ज की। यह महिलाओं के ओडीआई में अब तक का सबसे बड़ा रन चेज है, जिससे दोनों टीमों ने अपनी ताकत दिखा दी और अब फाइनल में एक दूसरे को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार हैं।
भारत का ग्रुप मैच का सफर चढ़ाव उतार वाला रहा
भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत तो बहुत जोरदार की थी, जब उन्होंने सह मेजबान श्रीलंका को बारिश से प्रभावित मैच में 59 रनों से हराया। उसके बाद पाकिस्तान को भी 88 रनों से हराकर टीम ने आत्मविश्वास बढ़ाया। पर फिर लगातार तीन मैचों में हार मिली, पहले साउथ अफ्रीका से तीन विकेट से, फिर ऑस्ट्रेलिया से तीन विकेट से और इंग्लैंड से चार रनों से। इन हारों के बाद ऐसा लगा कि शायद टीम सेमीफाइनल तक भी न पहुँच पाए, पर न्यूजीलैंड के खिलाफ हुए मैच ने सब कुछ बदल दिया। स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल की अच्छी पारियों से भारत ने एक बड़ा स्कोर खड़ा किया और डीएलएस नियम से 53 रनों से जीतकर सेमीफाइनल का टिकट पा लिया। बांग्लादेश के खिलाफ मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया, पर कुल मिलाकर सात मैचों में तीन जीत तीन हार और एक बिना रिजल्ट वाले मैच के साथ 7 अंकों पर चौथे नंबर पर रहकर भी टीम ने जगह बना ली।
साउथ अफ्रीका की जबरदस्त वापसी
साउथ अफ्रीका की शुरुआत वैसी नहीं हुई जैसी उन्होंने सोचा था। इंग्लैंड के खिलाफ 10 विकेट से मिली हार ने टीम को हिला दिया, जहाँ वे सिर्फ 69 रनों पर आउट हो गईं। पर उसके बाद प्रोटियाज टीम ने कमाल कर दिया और लगातार पाँच मैच जीतकर सबको हैरान कर दिया। उन्होंने न्यूजीलैंड को छह विकेट से, भारत को तीन विकेट से, बांग्लादेश को तीन विकेट से, श्रीलंका को डीएलएस नियम से 10 विकेट से और पाकिस्तान को 150 रनों से हराकर बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। ग्रुप के आखिरी मैच में ऑस्ट्रेलिया से सात विकेट की हार मिली, पर टीम ने हार नहीं मानी। सात मैचों में पाँच जीत दो हार के साथ 10 अंकों पर तीसरे नंबर पर रहकर सेमीफाइनल में पहुँची और वहाँ इंग्लैंड को हराकर पहली बार फाइनल का सपना पूरा किया। कप्तान लौरा वोलवार्ट ने 470 रनों के साथ टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाए, जो टीम की ताकत को दिखाता है।
वर्ल्ड कप इतिहास में है बराबर की लड़ाई
महिला विश्व कप के फाइनल में भारत और साउथ अफ्रीका आज तक नहीं भिड़े हैं, पर कुल मिलाकर दोनों ने छह बार एक दूसरे का सामना किया है और मजेदार बात यह है कि दोनों ने तीन तीन बार जीत हासिल की है। पहली बार 1997 में दोनों टीमें भिड़ीं, जहाँ भारत ने पाँच विकेट से जीत हासिल की। उसके बाद 2000 में आठ विकेट से और 2005 में चार विकेट से भी भारत ही आगे रहा। पर 2017 से साउथ अफ्रीका का पलड़ा भारी हुआ। उन्होंने 115 रनों से, 2022 में तीन विकेट से और इस बार ग्रुप मैच में भी तीन विकेट से भारत को हराया। यह आँकड़े बताते हैं कि दोनों टीमें एक दूसरे को अच्छे से जानती हैं और फाइनल में कोई भी कुछ भी कर सकता है।
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