पहले कहा जाता था कि हार्ट अटैक के शिकार केवल उम्रदराज लोग ही होते हैं। लेकिन अब धीरे-धीरे इस बीमारी की चपेट में ऐसे बच्चे भी आने लगे हैं, जिन्होंने अपना बचपन भी ठीक से नहीं जिया है। ऐसा ही एक मामला राजस्थान से सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है।
दरअसल, 9 साल की बच्ची दिव्या, जो चौथी कक्षा की छात्रा थी, लंच करने जा रही थी तभी अचानक फर्श पर गिर पड़ी। लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उसकी जान चली गई। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि वह खेलते समय अचानक जमीन पर गिर पड़ी और फिर नहीं उठी।
बच्चों के दिल की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय
- रोज सक्रिय रहने की आदत डालें
बच्चों को दिनभर बैठकर समय बिताने से बचाएं। उन्हें खेलकूद, साइकिलिंग, दौड़ या किसी स्पोर्ट्स में शामिल करें, ताकि उनका दिल मजबूत रहे और शरीर फिट बना रहे। स्क्रीन टाइम सीमित रखें। - संतुलित और पौष्टिक भोजन दें
घर का ताजा और पौष्टिक खाना प्राथमिकता बनाएं। थाली में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन शामिल करें। पैकेज्ड स्नैक्स, अत्यधिक नमक और मीठे पेय पदार्थों से दूरी रखें। - समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं
बच्चों की नियमित मेडिकल जांच जरूरी है। ब्लड प्रेशर, शुगर और जरूरत पड़ने पर हृदय से जुड़ी जांचें भी कराएं। यदि परिवार में हृदय रोग का इतिहास है तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। - पर्याप्त आराम और भावनात्मक संतुलन
बच्चों को रोजाना पूरी नींद मिले, इसका ध्यान रखें। पढ़ाई या प्रतियोगिता का दबाव अधिक हो तो उनसे खुलकर बातचीत करें और मानसिक सहयोग दें, ताकि तनाव दिल की सेहत पर असर न डाले। - स्कूल में आपातकालीन तैयारी जरूरी
स्कूलों में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था होनी चाहिए। शिक्षकों और स्टाफ को CPR की जानकारी हो, ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। खेल गतिविधियों के दौरान मेडिकल सुविधा उपलब्ध रहना भी आवश्यक है।
बताया जा रहा है कि दिव्या से पहले उसके भाई की भी मौत हार्ट अटैक से हुई थी। अब एक ही घर में दूसरी बार हुई इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के मुताबिक, जब दिव्या अचानक नीचे गिर पड़ी तो स्कूल स्टाफ उसे नजदीकी अस्पताल लेकर गया, लेकिन वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
Keywords: Rajasthan School News, 9 Year Old Girl Death, Child Heart Attack Case, Sudden Cardiac Arrest In Children, Divya Kumawat News

