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भयंकर तूफान मोंथा ने आंध्र प्रदेश के तट पर लैंडफॉल कर भारी तबाही मचाई, एक महिला की मौत की खबर

क्रवाती तूफान मोंथा ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी तबाही मचाई है। काकीनाडा में 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे बिजली के खंभे और पेड़ उखड़ गए, लाखों लोग परेशान हैं।

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बंगाल की खाड़ी से आया चक्रवाती तूफान मोंथा मंगलवार रात को आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पास तट से टकराया, जब हवा की स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा थी। चार घंटे तक चली तेज हवा और बहुत ज्यादा बारिश ने पूरे एरिया को हिला कर रख दिया। मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच नरसापुर के पास तूफान ने जमीन को छुआ, जिससे पेड़ गिर गए, बिजली के खंभे टूट गए और हर जगह सड़कों पर पानी भर गया। आंध्र के कई जिलों में बिजली चली गई और लोगों को घरों में ही रहना पड़ा।

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एक औरत की जान गई, NDRF की टीमें राहत कार्य में जुटी

माकानापालेम गांव में तेज हवा से एक बहुत बड़ा पेड़ उखड़कर एक घर पर गिर गया, जिससे अंदर मौजूद एक औरत की मौके पर ही मौत हो गई। राज्य सरकार ने पहले ही 10000 से ज्यादा लोगों को सेफ जगह पर पहुंचा दिया था, लेकिन तूफान ने फिर भी बहुत नुकसान किया। काकीनाडा जिले में एनडीआरएफ की दो टीमें और एसडीआरएफ की एक यूनिट राहत कार्य में लगी रहीं, जिनके साथ 200 तैराक और 140 नावें भी थीं। जिले के 76 राहत सेंटर्स में 12000 लोग अभी भी रुके हुए हैं और 1000 से ज्यादा जानवरों को भी सुरक्षित किया गया है।

समुद्र की लहरों ने तोड़ दी सडकें, ट्रेन और फ्लाइट पर असर

उप्पाडा इलाके में समुद्र की ऊँची लहरें तटबंध को तोड़कर अंदर घुस आईं, जिससे कई घरों में पानी भर गया और समुद्र के किनारे की सडकें बुरी तरह से टूट गईं। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने काकीनाडा-उप्पाडा रोड को बंद कर दिया। राजमुंदरी एयरपोर्ट से आठ फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं, जिनमें तिरुपति, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई की फ्लाइट्स शामिल थीं। ट्रेनों पर भी बहुत ज्यादा असर पड़ा, जहाँ 122 ट्रेनों को रद्द, 29 को रीशेड्यूल और आठ ट्रेनों को दूसरे रास्ते से भेजा गया।

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ओडिशा में भूस्खलन और फसलों को नुकसान

आंध्र से सटे ओडिशा के गंजाम और गजपति जिलों में 100 किलोमीटर प्रति घंटा की हवाओं की वजह से भूस्खलन हुआ, जिससे आर उदयगिरि, पारलाखेमुंडी, ह्यूमा और काशीपुर की सडकें रुक गईं। सरकार ने 2000 से ज्यादा राहत शेल्टर खोले हैं और 158 टीमें लगाई हैं, जिनमें 5 एनडीआरएफ, 30 ओडराफ और 123 फायर यूनिट शामिल हैं। मुख्यमंत्री मोहन माजी ने कहा कि 11000 लोग सेफ जगहों पर हैं और जरूरत पड़ने पर 30000 और लोगों को निकाला जाएगा। किसानों की फसलों को भी बहुत नुकसान हुआ है, जिसके लिए राहत पैकेज देने की बात कही गई है।

तूफान अब कमजोर हो रहा है, छत्तीसगढ़ में होगी बारिश

मौसम विभाग ने बताया कि मोंथा अब साइक्लोनिक स्टॉर्म बनकर कमजोर हो गया है, लेकिन अगले 6 घंटे तक इसकी तेजी बनी रहेगी। दक्षिण ओडिशा में बुधवार तक भारी बारिश जारी रहेगी, और उसके बाद यह तूफान छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा। शुक्रवार तक बारिश थम जाएगी, लेकिन गुरुवार को भी हल्की फुहारें पड़ेंगी। लाखों लोग अभी भी अलर्ट पर हैं और सावधानी बरत रहे हैं।

Keywords: Odisha Storm News, Mantha Bangal Cyclone, Tropical Storm Mantha Heavy Rain

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