मुंबई में शुक्रवार को विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए एकसाथ मिलकर विरोध रैली करने की घोषणा की है। यह रैली शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट), मनसे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), कांग्रेस और अन्य दलों द्वारा मिलकर आयोजित किया जा रहा है। विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं और इससे लोकतांत्रिक संस्थानों की साख पर असर पड़ा है। रैली आज दोपहर 1 बजे मेट्रो सिनेमा से शुरू होकर महापालिका मार्ग होते हुए आज़ाद मैदान तक होगी। हालांकि, पुलिस ने कानून-व्यवस्था को देखते हुए इस रैली की अनुमति नहीं दी है। विपक्ष ने इसके बावजूद लोकतांत्रिक अधिकार बता कर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
पुलिस की सख्ती, लेकिन विपक्ष का अडिग रुख
मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन को लेकर होनेवाली तनाव की चिंता जताई है। अधिकारियों का कहना है कि दक्षिण मुंबई के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके बावजूद कांग्रेस, शिवसेना (UBT), एनसीपी (शरद पवार गुट) और मनसे के नेता रैली निकालने पर अड़े हुए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध करना उनका संविधान द्वारा दिया गया लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने प्रशासन से कहा कि जनता की आवाज दबाने की बजाय उसे सुनना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, कई वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया पर भी जनता से इस मार्च में शामिल होने की अपील की है।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
मार्च को देखते हुए पुलिस ने पूरे दक्षिण मुंबई में कड़ी सुरक्षा रखी है। आपको बता दें कि करीब 350 पुलिसकर्मी, 70 अधिकारी और चार प्लाटून राज्य रिजर्व पुलिस बल (SRPF) तैनात किए गए हैं। एक प्लाटून में लगभग 20 जवान होते हैं, यानी कुल 80 SRPF कर्मी मैदान में हैं। इसके अलावा, ट्रैफिक विभाग ने विशेष टीमों को रूट डायवर्जन और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए लगाया है। मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे दक्षिण मुंबई के रास्तों से बचें और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें ताकि लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
लोकतांत्रिक हक़ बनाम प्रशासनिक चिंता
विपक्षी दलों के मार्च और पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच टकराव की संभावना बनी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मार्च सिर्फ चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाने के लिए नहीं, बल्कि विपक्षी एकता का प्रतीक भी हो सकता है। वहीं, प्रशासन का ध्यान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है। दोपहर तक यह देखना दिलचस्प होगा कि विरोध शांतिपूर्ण रहता है या पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच आमना-सामना होता है। फिलहाल, मुंबई की सड़कों पर सुरक्षा कड़ी है और सभी की निगाहें दक्षिण मुंबई में हो रहे इस ‘लोकतांत्रिक मार्च’ पर टिक गई हैं।
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