- Advertisement -

Mumbai BMC Election 2026: BMC चुनाव में बुनियादी मुद्दे गायब, अब मामू-बुर्केवाली और ममदानी पर चल रही राजनीति

मुंबई महानगरपालिका चुनाव में सड़क, पानी और नाली जैसे मुद्दे पीछे छूट गए हैं। अब धर्म, पहचान और बयानबाजी ने सियासी बहस को प्रभावित किया है। बीजेपी, कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एआईएमआईएम के बयानों ने माहौल बदल दिया है।

4 Min Read

मुंबई: मुंबई की बीएमसी, जो देश की सबसे अमीर नगरपालिकाओं में गिनी जाती है, वहां के चुनाव आम तौर पर सड़कों की हालत, जलभराव, सफाई, लोकल ट्रांसपोर्ट और पीने के पानी जैसे असली मुद्दों पर लड़े जाते रहे हैं। लेकिन इस बार माहौल कुछ अलग है। लोगों के रोजमर्रा के सवाल पीछे छूट गए हैं। अब सारा चुनावी शोर पहचान, धर्म और समुदाय पर टिक गया है। टीवी पर बहस हो या चुनावी मंच, अब ये चर्चा कम ही सुनाई देती है कि मुंबई की टूटी सड़कों का क्या होगा, बारिश में पानी भरने से कैसे निपटेंगे। नेता बस एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आते हैं और वोट बैंक पर नजर गड़ाए रहते हैं। इसी में असली चुनावी मकसद कहीं खोता जा रहा है।

- Advertisement -
Ad image

बीएमसी में चल रही पहचान की राजनीति

बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) मुस्लिम वोटरों को लुभाने के लिए पहचान की राजनीति कर रही हैं। जवाब में विपक्षी पार्टियां बीजेपी पर हिंदू वोटों को एकजुट करने का आरोप लगाती हैं। इस माहौल को और गर्माया एआईएमआईएम नेता वारिस पठान के बयान ने। पठान ने पूछा, अगर ‘आई लव महादेव’ बोलने वाला मेयर बन सकता है, तो ‘आई लव मोहम्मद’ बोलने वाला या हिजाब पहनने वाली महिला मेयर क्यों नहीं? बस, इसके बाद तो बयानबाजी और भावनात्मक हो गई। हर पार्टी ने इस बयान को अपने हिसाब से भुनाया।

‘उद्धव मामू’ का नैरेटिव

वारिस पठान के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) की खामोशी को बीजेपी ने बड़ा मुद्दा बना दिया। बीजेपी कह रही है, उद्धव ठाकरे मुस्लिम वोट बैंक को नाराज नहीं करना चाहते, इसलिए चुप हैं। इसी बहस में बीजेपी ने ‘उद्धव मामू’ जैसी उपाधि भी दे दी, जो अब चर्चा का हिस्सा बन चुकी है। इससे पहले संभाजी नगर में कांग्रेस के मुस्लिम नेता रशीद मामू के शिवसेना (यूबीटी) में जाने पर भी सवाल उठे थे। इन घटनाओं से यही लगता है कि बीएमसी चुनाव में असल मुद्दों की बजाय पहचान की राजनीति का बोलबाला बढ़ता जा रहा है।

- Advertisement -
Ad image

ममदानी विवाद पर बहस तेज

न्यूयॉर्क के मेयर जोरन ममदानी ने कुरान पर हाथ रखकर शपथ ली, तो मुंबई की राजनीति में भी हलचल मच गई। कांग्रेस विधायक असलम शेख ने कहा, मुंबई का मेयर भी ममदानी जैसा होना चाहिए। जवाब में बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने ममदानी को लेकर तीखा बयान दिया और विवादित मुद्दों का जिक्र कर दिया। साथ ही मालवणी की जनसंख्या को लेकर भी बहस तेज हो गई है। बीजेपी नेता लगातार रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुसलमानों की मौजूदगी की बात उठा रहे हैं। अमित साटम का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में मालवणी के मुस्लिम आबादी में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इन सब बातों से साफ है, बीएमसी चुनाव अब प्रशासन या विकास के नाम पर नहीं, बल्कि पहचान, धर्म और आबादी के सवालों पर लड़ा जा रहा है।

Keywords: BMC Election 2026, Mumbai Municipal Election, Shiv Sena UBT, BJP, Congress, AIMIM

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

लेटेस्ट
चुटकी शॉट्स
वीडियो
वेबस्टोरी
मेन्यू