पंजाबी खाने का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है, और लंगर वाली दाल इसका सबसे खास हिस्सा है। गुरुद्वारों में परोसी जाने वाली यह दाल, जिसे अमृतसरी दाल या मां-चोले की दाल भी कहते हैं, स्वाद और सादगी का अनोखा मेल है। इसे बनाना आसान है और यह नवरात्रि के व्रत के लिए भी एकदम सही है, क्योंकि इसमें कोई प्याज या लहसुन नहीं डाला जाता। साबुत उड़द और चना दाल से बनी यह दाल घी के स्वाद और हल्के मसालों के साथ हर किसी का दिल जीत लेती है। आइए जानते हैं इसे बनाने का आसान तरीका और क्यों यह इतनी खास है।
लंगर वाली दाल की खासियत
लंगर वाली दाल गुरुद्वारों की रसोई में घंटों धीमी आंच पर पकती है। इसे बार-बार चलाने से यह गाढ़ी और मुलायम बनती है। यह दाल ज्यादा मसालेदार नहीं होती, बल्कि इसका स्वाद दाल और घी की खुशबू से आता है। इसे साबुत उड़द दाल और चना दाल के मिश्रण से बनाया जाता है, जो इसे सेहतमंद और पेट भरने वाला बनाता है। नवरात्रि में व्रत रखने वाले लोग इसे बिना प्याज-लहसुन के बना सकते हैं।
आसान सामग्री से बनी दाल
इस दाल को बनाने के लिए ज्यादा सामान की जरूरत नहीं। साबुत उड़द दाल और चना दाल को रातभर भिगो लें। फिर इसे नमक और तेजपत्ता के साथ प्रेशर कुकर में पकाएं। उड़द दाल को नरम होने तक पकाना जरूरी है, लेकिन यह गलनी नहीं चाहिए। इसके बाद, घी में जीरा, सूखी लाल मिर्च और हींग का तड़का लगाएं। इसमें टमाटर, अदरक और हरी मिर्च डालकर पकाएं। फिर पकी हुई दाल डालें और धीमी आंच पर 30-40 मिनट तक चलाते हुए पकाएं। इससे दाल का स्वाद और गाढ़ापन बढ़ता है।
स्वाद और परोसने का तरीका
लंगर वाली दाल का स्वाद रोटी, नान या सादे चावल के साथ बहुत अच्छा लगता है। इसे परोसने से पहले थोड़ा सा घी डालें, यह स्वाद को और बढ़ा देता है। आप चाहें तो इसके साथ दही या सलाद भी खा सकते हैं। यह दाल ठंडी होने पर और गाढ़ी हो जाती है, इसलिए परोसने से पहले इसे थोड़ा गर्म कर लें। नवरात्रि में इसे व्रत के लिए बनाते समय बस प्याज और लहसुन न डालें।
घर पर गुरुद्वारे जैसा स्वाद
यह दाल बनाने में आसान है, लेकिन इसका स्वाद गुरुद्वारे जैसा लाजवाब होता है। धीमी आंच पर पकाने और बार-बार चलाने से यह मुलायम और स्वादिष्ट बनती है। आप इसे प्रेशर कुकर या किसी भारी बर्तन में बना सकते हैं। भारी बर्तन गर्मी को बराबर बांटता है, जिससे दाल अच्छे से पकती है। इसे बनाते समय ताजा दाल का इस्तेमाल करें, क्योंकि पुरानी दाल का स्वाद और बनावट उतनी अच्छी नहीं होती।
व्रत के लिए परफेक्ट
नवरात्रि 2025 में यह दाल व्रत के लिए एकदम सही है। इसमें कोई भारी मसाले नहीं होते, और यह पेट को भरा रखती है। इसे बनाने में समय जरूर लगता है, लेकिन इसका स्वाद हर मेहनत को सही साबित करता है। इसे घर पर बनाकर आप पंजाबी खाने का जादू अपने परिवार के साथ बांट सकते हैं।
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