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चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान… UP, बंगाल, MP समेत 12 राज्यों में कल से शुरू होगा SIR…जानें क्यों है जरूरी…?

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण की घोषणा की। यूपी, बंगाल समेत किन राज्यों में होगा यह अभियान?

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की। यह गहन अभियान मतदाता सूची की गुणवत्ता सुधारने, नए वोटरों के नाम जोड़ने और सभी त्रुटियों को दूर करने पर केंद्रित होगा।

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SIR के दूसरे चरण में शामिल 12 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

  • उत्तर प्रदेश (UP)
  • पश्चिम बंगाल (West Bengal)
  • मध्य प्रदेश (MP)
  • राजस्थान
  • छत्तीसगढ़
  • तमिलनाडु
  • केरल
  • गुजरात
  • गोवा
  • पुडुचेरी
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
  • लक्षद्वीप

CEC ने बताया कि इन राज्यों में मतदाता सूची आज रात फ्रीज (Freeze) कर दी जाएगी और मंगलवार से SIR के फेज-2 की ट्रेनिंग शुरू होगी।

घर-घर जाकर BLO करेंगे 3 बार सत्यापन

इस गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया की सफलता के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। ज्ञानेश कुमार ने निर्देश दिए कि BLO प्रत्येक मतदाता के घर कम से कम 3 बार दौरा करेंगे।

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वे घर-घर जाकर Form-6 और Declaration Form एकत्र करेंगे। नए मतदाताओं को फॉर्म भरने में मदद करेंगे और उन्हें ERO (Electoral Registration Officer) या AERO को सौंपेंगे।

चुनाव आयोग ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि बुजुर्गों, बीमार, दिव्यांग,गरीब और कमजोर वर्गों को अधिकतम सहायता मिल सके, ताकि उन्हें पंजीकरण या त्रुटि सुधार में कोई परेशानी न हो।

क्यों जरूरी है SIR?

CEC ज्ञानेश कुमार ने SIR की आवश्यकता पर कहा कि यह प्रक्रिया कई कारणों से जरूरी है

  1. पलायन- बार-बार होने वाले पलायन के कारण मतदाताओं का एक से अधिक जगहों पर पंजीकरण हो जाता है।
  2. मृत मतदाताओं का नाम: मृत मतदाताओं का नाम सूची से नहीं हटाया जाता।
  3. अवैध शामिल होना: किसी विदेशी या अपात्र व्यक्ति का नाम गलत तरीके से सूची में शामिल होना।

इन सभी त्रुटियों को दूर करके स्वच्छ और सटीक मतदाता सूची तैयार करने के लिए SIR एक अनिवार्य अभ्यास है। आयोग ने मतदान केंद्र में भी सुधार करते हुए निर्देश दिया है कि किसी भी केंद्र में 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे।

राजनीतिक दलों और बिहार के मतदाताओं को संदेश

मुख्य चुनाव आयुक्त ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) और जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) को निर्देश दिया है कि वे अगले 2 दिनों के भीतर राजनीतिक दलों से मिलकर SIR प्रक्रिया की पूरी जानकारी साझा करें।

उन्होंने इस अवसर पर बिहार के मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया कि 7.5 करोड़ मतदाताओं ने चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेकर इसे सफल बनाया है।

Keywords: Special Intensive Revision – SIR, CEC

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