भारत सरकार ने संचार साथी (Sanchar Saathi) ऐप को लेकर सभी स्मार्टफोन निर्माताओं को निर्देश दिया था कि इसे नॉन-रिमूवेबल बनाया जाए और पुराने मोबाइल फोन में अपडेट के माध्यम से यह ऐप मुहैया कराया जाए। इस काम के लिए केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग ने तीन महीने का समय दिया था। लेकिन अब संचार साथी ऐप को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े कर केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
प्रियंका गांधी का केंद्र पर हमला
प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा, “संचार साथी एक जासूसी ऐप है। नागरिकों को प्राइवेसी का अधिकार है। हर किसी को परिवार और दोस्तों को मैसेज भेजने का प्राइवेसी का अधिकार होना चाहिए, बिना सरकार की नज़र में आए। वे इस देश को हर तरह से तानाशाही में बदल रहे हैं। देश में साइबर सिक्योरिटी की ज़रूरत है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको हर नागरिक के टेलीफोन में झांकने का बहाना मिल जाए।”
ज्योतिरादित्य सिंधिया बचाव में उतरे
उन्होंने कहा, “देश के हर नागरिक की डिजिटल सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘संचार साथी’ ऐप का उद्देश्य है कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी निजता की रक्षा कर सके और ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रह सके। यह एक पूरी तरह स्वैच्छिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था है—यूज़र चाहें तो ऐप को सक्रिय कर इसके लाभ ले सकते हैं, और न चाहें तो किसी भी समय इसे अपने फ़ोन से आसानी से डिलीट कर सकते हैं।”
संचार साथी पर बढ़ रहा है लोगों का विश्वास
- 20 करोड़+ लोग अब तक पोर्टल का उपयोग कर चुके हैं
- 1.5 करोड़+ यूज़र्स ऐप से जुड़े हैं
- नागरिकों द्वारा ‘Not My Number’ चुने जाने पर 1.43 करोड़+ मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए गए
- 26 लाख मोबाइल फोन ट्रेस हुए, जिनमें से 7.23 लाख फोन नागरिकों को वापस लौटाए गए
- नागरिकों द्वारा रिपोर्ट किए गए 40.96 लाख फर्जी मोबाइल कनेक्शन बंद किए गए
- 6.2 लाख फ्रॉड-लिंक्ड IMEIs ब्लॉक किए जा चुके हैं
यह पहल प्रोटेक्शन, पारदर्शिता और कस्टमर-फर्स्ट दृष्टिकोण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
Sanchar Saathi ऐप क्या है?
संचार साथी एक सरकारी ऐप है जो साइबर सिक्योरिटी सुनिश्चित करने और मोबाइल उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है। इसे जनवरी 2025 में पेश किया गया था और अगस्त तक इसे 50 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका था।
ऐप की खासियतें
- अगर फोन चोरी हो जाए, तो IMEI नंबर की मदद से उसका पता लगाया जा सकता है और उसे ब्लॉक किया जा सकता है।
- अगर फोन किसी संदिग्ध के हाथ लग जाए तो जांच में इससे प्राप्त डेटा पुलिस को मदद करता है।
- यह ऐप फर्जी या संदिग्ध कॉल और मैसेज रिपोर्ट करने की सुविधा देता है।
- डुप्लीकेट मोबाइल के प्रसार को रोकने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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