गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भारत की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भरता की भव्य झलक देखने को मिली। राजधानी में आयोजित परेड के दौरान नए भारत की ताकत ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। भारतीय सेना के अदम्य साहस के साथ भारतीय वायुसेना के राफेल और सुखोई लड़ाकू विमानों की गर्जना ने आसमान में भारत की मजबूत रक्षा क्षमता का संदेश दिया।
77वें गणतंत्र दिवस पर भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का विशेष हवाई प्रदर्शन किया। वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने तिरंगे के साथ ऑपरेशन सिंदूर का प्रतीकात्मक ध्वज लहराते हुए आकाश में उड़ान भरी, जिसने देशवासियों में गर्व और उत्साह का संचार किया।

राफेल

भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिज़ाइन किया गया बख्तरबंद हल्का विशेष वाहन हाई मोबिलिटी रिकॉनिसेंस व्हीकल (HMRV) भी कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड का प्रमुख आकर्षण रहा। इस वाहन ने अपनी अत्याधुनिक तकनीक, मजबूती और आधुनिक रक्षा क्षमताओं के जरिए भारत की स्वदेशी सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण की दिशा में बड़ी उपलब्धि को दर्शाया।

इसके बाद युद्धक टुकड़ियाँ आगे बढ़ीं, जहां टी-90 ‘भीष्म’ और अर्जुन मुख्य युद्धक टैंकों ने सलामी मंच के सामने से दमदार मार्च किया। इस दौरान आकाश में तैनात अपाचे AH-64E हेलीकॉप्टरों ने हवाई समर्थन देते हुए भारतीय सेना की संयुक्त युद्ध क्षमता और आधुनिक सैन्य ताकत का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

अर्जुन टैंक

40 फील्ड रेजिमेंट की लेफ्टिनेंट मेहक भाटी के नेतृत्व में सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम सलामी मंच की ओर बढ़ता हुआ नजर आया। इसके बाद 344 मिसाइल रेजिमेंट के कैप्टन अनिमेष रोहिला के नेतृत्व में ब्रह्मोस हथियार प्रणाली कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ी।

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