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डिजिटल फ्रॉड पर RBI की बड़ी तैयारी, ऑनलाइन ठगी के शिकार ग्राहकों को मिल सकता है 25 हजार रुपये तक मुआवजा

RBI छोटे डिजिटल फ्रॉड में ग्राहकों को मुआवजा देने वाला नया नियम लाने जा रहा है। इससे ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई फ्रॉड के मामलों में ग्राहकों को राहत मिलेगी।

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आजकल भारत में डिजिटल ट्रांजैक्शन आम बात हो गई है। मोबाइल फोन से किराना खरीदो या बिजली का बिल भरो, स्कूल फीस दो या कहीं इन्वेस्ट करो, सब कुछ कुछ सेकंड में हो जाता है। यूपीआई, नेट बैंकिंग, और कार्ड पेमेंट ने तो जिंदगी पहले से काफी आसान बना दी है। लेकिन इसके साथ खतरे भी उतने ही तेजी से बढ़े हैं। फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल, ओटीपी पूछने वाले स्कैम, और नकली कस्टमर केयर के नाम पर ठगी, ये सब अब रोज सुनने को मिल जाता है। कई बार लोग अपनी सालों की कमाई मिनटों में गंवा बैठते हैं, और सिर्फ पैसे नहीं, दिमागी सुकून भी चला जाता है। यही वजह है कि अब रिजर्व बैंक ने डिजिटल फ्रॉड से परेशान लोगों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है।

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क्या है RBI का नया नियम?

RBI जल्दी ही इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग फ्रॉड पर नए ड्राफ्ट नियम लाने जा रहा है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि इन गाइडलाइंस का मकसद ग्राहकों को सुरक्षा देना और उनकी जिम्मेदारी तय करना है। अगर कोई ग्राहक सही वक्त पर बैंक को फ्रॉड की जानकारी दे देता है, तो उसे मुआवजा मिल सकता है। ये नियम खास छोटे फ्रॉड के मामलों के लिए हैं, ताकि आम आदमी को फौरन राहत मिल सके। लेकिन ध्यान रहे, ये मुआवजा बार-बार नहीं मिलेगा, जिंदगी में बस एक बार। इसका मतलब, आपको खुद भी सावधान रहना होगा, ताकि लेन-देन के दौरान कोई चूक न हो।

25,000 तक मिलेगा मुआवजा

RBI के मुताबिक, फ्रॉड में जो नुकसान हुआ है, उसका 85% या फिर 25,000 रुपये, जो भी कम हो वही मुआवजे के तौर पर मिलेगा। जैसे, अगर किसी के साथ 50,000 रुपये का फ्रॉड हुआ, तो 85% यानी 42,500 रुपये बनते हैं, लेकिन आपको 25,000 रुपये ही मिलेंगे, क्योंकि यही ऊपरी सीमा है। इसी तरह, अगर फ्रॉड एक लाख रुपये का है, तब भी मुआवजा 25,000 रुपये ही रहेगा। अगर नुकसान 20,000 रुपये का है, तो 85% के हिसाब से 17,000 रुपये मिलेंगे, ये पूरी रकम आपको मुआवजे के तौर पर मिल जाएगी, क्योंकि ये लिमिट के अंदर है। यानी छोटे फ्रॉड में राहत ज्यादा असरदार रहेगी।

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ग्राहकों के लिए क्या है जरूरी

RBI का ये कदम डिजिटल बैंकिंग में भरोसा बढ़ाने वाला है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप बेफिक्र हो जाएं। बैंक को वक्त रहते सूचना देना, तुरंत शिकायत करना, और हर संदिग्ध लिंक या कॉल से बचना अब भी जरूरी है। ये मुआवजा सिर्फ एक सेफ्टी नेट है, कोई परमानेंट हल नहीं। आगे जब ड्राफ्ट गाइडलाइंस आएंगी, तब पता चलेगा कि किन हालात में ग्राहक जिम्मेदार माने जाएंगे और कब बैंक को जवाब देना होगा। कुल मिलाकर, ये नियम डिजिटल इंडिया की तरफ एक मजबूत कदम है, जिसमें सुविधा के साथ-साथ आपकी सुरक्षा भी अहम है।

Keywords: RBI Digital Fraud Rule, Online Fraud Compensation, UPI Fraud RBI, Digital Banking Safety, RBI Guidelines Cyber Fraud

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