असम में कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है। असम कैबिनेट ने हाल ही में एक रैली के दौरान महिलाओं के प्रति कथित “आपत्तिजनक इशारों” के मामले में कांग्रेस नेताओं देबब्रत सैकिया, भूपेन कुमार बोरा और मीरा बोरठाकुर के खिलाफ पुलिस को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह इशारा असम की महिलाओं का अपमान था। मैंने उनकी भाव-भंगिमाओं को देखा, जो बहुत ही अनुचित थीं। कोई भी सम्मानित नेता या सभ्य व्यक्ति इस तरह के इशारे नहीं करेगा।” उन्होंने यह भी बताया कि कैबिनेट ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया है कि कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
कांग्रेस नेताओं के निष्कासन की मांग
इससे पहले मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने एक सरकारी कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से कहा था कि कांग्रेस को राज्य इकाई के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा और विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया को ‘महिलाओं का अपमान’ करने के कारण पार्टी से बाहर कर देना चाहिए। मीरा बोरठाकुर, जो राज्य महिला कांग्रेस की अध्यक्ष हैं, रैली के दौरान इन दोनों नेताओं के साथ मौजूद थीं।
बस की छत से हुए इशारे
शर्मा ने आरोप लगाया था कि कुछ दिन पहले गुवाहाटी में कांग्रेस की राज्यव्यापी रैली के लिए इस्तेमाल हो रही बस से आपत्तिजनक इशारे किए गए थे। उनका कहना था कि ये इशारे असम की सभी लड़कियों और महिलाओं के प्रति थे। शर्मा ने यह भी कहा, “अगर कांग्रेस पार्टी बोरा और सैकिया को निष्कासित नहीं करती है, तो मुझे नहीं लगता कि वे कहीं और सम्मान पा सकेंगे। यह केवल महिलाओं का मुद्दा है, किसी विशेष समुदाय का नहीं।”
महिला आयोग को भेजा गया वीडियो
सीएम हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि उन्होंने इस मामले की वीडियो क्लिप को महिला आयोग को भेजने का निर्देश दिया है, ताकि वे इस पर उचित कार्रवाई कर सकें। उन्होंने कहा, “मैं यह सोच भी नहीं सकता कि विपक्ष का कोई नेता या पार्टी का पूर्व अध्यक्ष इस तरह के इशारे करेगा, और वह भी तब जब मीरा बोरठाकुर (कांग्रेस की राज्य महिला इकाई की अध्यक्ष) उनके साथ मौजूद थीं।
मीडिया की रिपोर्टिंग और वीडियो का सोर्स
मुख्यमंत्री ने स्थानीय मीडिया द्वारा इस घटना को रिपोर्ट न करने पर हैरानी जताई और कहा कि उन्हें यह वीडियो क्लिप नई दिल्ली में एक जानकार से मिली थी। शर्मा ने यह भी बताया कि राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तानी संबंधों के मामले को गृह मंत्रालय को सौंपने का निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट के दूसरे फैसले और नए आरोप
कैबिनेट की इसी बैठक में एक और बड़ा फैसला हुआ। सरकार ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से जुड़े कथित पाकिस्तानी संबंधों के मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, इस मामले में सांसद, उनकी ब्रिटिश पत्नी और एक पाकिस्तानी नागरिक की भूमिका की जांच जरूरी है। इसके अलावा, 8वां राज्य वेतन आयोग बनाने और कई शैक्षणिक संस्थानों को जमीन देने जैसे अहम फैसले भी कैबिनेट में पास हुए। **
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