- Advertisement -

शक्ति वंदन अधिनियम नारी पर पीएम मोदी का खास संदेश, सभी सांसदों को पत्र लिख कही बड़ी बात

नरेंद्र मोदी ने सभी दलों के सांसदों को पत्र लिखकर कहा कि यह विशेष बैठक लोकतंत्र को मजबूत करने का अच्छा मौका है। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़कर अपनी अलग पहचान बना रही हैं।

5 Min Read

नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के सांसदों को पत्र लिखकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन की अपील की है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल से संसद में इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा शुरू होने जा रही है, जो देश के लोकतांत्रिक ढांचे को और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।

- Advertisement -
Ad image

पीएम मोदी ने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि यह सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें राजनीति में समान भागीदारी देने का प्रयास है। उन्होंने सभी दलों से आग्रह किया कि वे मतभेदों से ऊपर उठकर इस पहल का समर्थन करें। उन्होंने इसे देश की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि यह मौका है जब हम सब मिलकर ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को और मजबूत कर सकते हैं।

नारी शक्ति की बढ़ती भागीदारी

- Advertisement -
Ad image

नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति तभी संभव है, जब महिलाओं को आगे बढ़ने और नेतृत्व करने के पूरे अवसर मिलें। उन्होंने जोर दिया कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जरूरी है कि महिलाएं हर क्षेत्र में सक्रिय रूप से जुड़ें। आज बेटियां विज्ञान, खेल, सेना और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में अपनी मेहनत और प्रतिभा से नई पहचान बना रही हैं।

एकजुटता का ऐतिहासिक पल

प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2023 में सभी दलों ने मिलकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन किया था। यह पल देश की राजनीतिक एकजुटता और साझा संकल्प का मजबूत उदाहरण बनकर सामने आया।

लोकतंत्र में सामूहिक संकल्प की ताकत

पीएम मोदी ने कहा कि यह फैसला देश की महिलाओं के प्रति किए गए वादे को निभाने की दिशा में अहम कदम था। उन्होंने बताया कि दुनिया ने देखा कि भारत में लोकतंत्र के तहत मिलकर बड़े निर्णय लिए जाते हैं। महिलाओं की बड़ी आबादी को ध्यान में रखते हुए राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर सभी ने सहमति जताई, जिसे उन्होंने संसदीय इतिहास का प्रेरक क्षण बताया।

सभी पक्षों से चर्चा और सहमति

पीएम ने अपने पत्र में बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर संसद में हुई चर्चा में सभी सांसदों की अहम भूमिका रही। उन्होंने कहा कि इस कानून को जल्द लागू करने को लेकर भी व्यापक सहमति बनी थी। सरकार ने इस विषय पर विशेषज्ञों से सलाह ली, संवैधानिक पहलुओं पर विचार किया और विभिन्न राजनीतिक दलों से लगातार संवाद कर सुझाव हासिल किए।

अब लागू करने का सही समय

नरेंद्र मोदी ने कहा कि विस्तृत विचार-विमर्श के बाद अब वक्त आ गया है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पूरी तरह लागू किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण लागू होने के बाद कराए जाएं, जिससे लोकतंत्र मजबूत होगा, भरोसा बढ़ेगा और शासन में समान भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।

दलों से ऊपर उठकर एकजुटता की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह मुद्दा किसी एक पार्टी या व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की महिलाओं और आने वाली पीढ़ियों से जुड़ा है। उन्होंने सभी सांसदों से एकजुट होकर इस संशोधन का समर्थन करने और अपने विचार रखने की अपील की। उन्होंने भरोसा जताया कि सामूहिक प्रयास से यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण और देश के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।

ऐतिहासिक मौके को हाथ से न जाने दें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में भागीदारी करने वाले सांसद इस पर हमेशा गर्व महसूस करेंगे। उन्होंने सभी से इस महत्वपूर्ण अवसर को न गंवाने की अपील की और कहा कि यह महिलाओं के प्रति जिम्मेदारी निभाने का समय है। अंत में उन्होंने सभी को एकजुट होकर इस बदलाव को आगे बढ़ाने और लोकतंत्र की परंपराओं को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

Keywords: Nari Shakti Vandan Adhiniyam, Women Reservation Bill India, PM Modi letter to MPs women empowerment

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

लेटेस्ट
चुटकी शॉट्स
वीडियो
वेबस्टोरी
मेन्यू